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पिकअप भवन अग्निकांड में सीनियर मैनेजर टेक्निकल को किया गया गिरफ्तार

Thu, 11 Jul 2019 12:37 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पिकअप भवन में लगी आग (फाइल फोटो।) - फोटो : amar ujala
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तीन जुलाई को पिकप भवन में लगी साजिश की आग में बुधवार शाम विभूतिखंड पुलिस ने सीनियर मैनेजर (टेक्निकल) एनके सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आग की लपटें एनके सिंह के कक्ष से ही उठी थीं। सीसीटीवी फुटेज और बायोमीट्रिक पंचिंग रिकॉर्ड की छानबीन के बाद उन्हें पकड़ा गया है। मामले में दो अन्य संदिग्ध डिप्टी मैनेजर कंप्यूटर व डिप्टी मैनेजर फाइनेंस के खिलाफ भी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
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सीओ गोमतीनगर अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि विवेचक रमेश चंद्र पांडेय ने अग्निकांड से ठीक पहले के सीसीटीवी फुटेज निकलवाए। इसमें सीनियर मैनेजर एनके सिंह की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। फुटेज में सिंह शाम 6.07 बजे ऑफिस से जाते वक्त बायोमीट्रिक पंचिंग डिवाइस के पास जाकर पंच करते दिखे, लेकिन हकीकत में उन्होंने पंच नहीं किया।

बायोमीट्रिक रिकॉर्ड में उस वक्त उनका पंच नहीं पाया गया। यानी वह पंचिंग डिवाइस के पास जाकर अंगुली लगाने का नाटक सिर्फ सीसीटीवी कैमरे में दिखाने को कर रहे थे। शाम 6.12 बजे उन्होंने पंच आउट किया, लेकिन उस वक्त सीसीटीवी कैमरा बंद हो चुका था।
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सीनियर मैनेजर (टेक्निकल) एनके सिंह - फोटो : amar ujala
इससे यह साफ नहीं हो पा रहा कि वह वाकई पिकप भवन से बाहर चले गए थे या फिर कैमरे को धोखा देने के लिए उन्होंने बाहर जाने का नाटक किया। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई तो अग्निकांड के वक्त वह पिकप भवन के आसपास ही मिले। एनके सिंह को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

सीओ ने बताया कि एनके सिंह के कक्ष में महत्वपूर्ण पत्रावलियां रखी थीं। उन्होंने इन्हें जलाकर अनैतिक व व्यक्तिगत लाभ लेने या किसी को लाभ दिलाने का प्रयास किया है। मामले में डिप्टी मैनेजर कंप्यूटर नरेंद्र कुरील और डिप्टी मैनेजर फायनेंस मनोज कुमार गुप्ता की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। नरेंद्र औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 व परामर्शी सेवाएं का काम देखते हैं। वहीं, मनोज औद्योगिक निवेश नीति 2012 व औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 का काम देख रहे हैं।
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दिल्ली, लखनऊ की फॉरेंसिक रिपोर्ट आनी बाकी

सीओ ने बताया कि अग्निकांड के मामले में गुजरात से आई फायर फॉरेंसिक टीम ने रिपोर्ट दे दी है। लखनऊ की फॉरेंसिक टीम ने एनके सिंह के कक्ष से ही आग लगने की पुष्टि की है। हालांकि, कई और रिपोर्ट आनी बाकी हैं। कुछ नमूने दिल्ली की विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भी भेजी गई हैं। लखनऊ और दिल्ली से रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
 
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