फैसला बदलने को एपीजे अब्दुल कलाम को देना पड़ा था दखल
सैय्यद सिब्ते रजी ने मार्च 2005 में झारखंड के राज्यपाल की हैसियत से एनडीए के सदस्यों की संख्या को नजरअंदाज कर झारखंड मुक्ति मोर्चा के शिबू सोरेन को सरकार बनाने का न्योता दे दिया। यह फैसला उस समय की राजनीति में विवाद का बड़ा कारण बना। तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के हस्तक्षेप से सिब्जे रजी का फैसला पलटा गया और एनडीए की ही सरकार बनी।
मोहसिन रजा ने केजीएमयू पहुंच दी श्रद्धांजलि
उधर, उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य मोहसिन रजा ने केजीएमयू पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर और प्रवक्ता सचिन रावत ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।