रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 21 जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन होता था। इससे रेलवे को रोजाना 3.60 लाख रुपये की आमदनी होती थी। जबकि मेल-एक्सप्रेस से 65 हजार यात्री सफर करते हैं, जिनसे साठ लाख रुपये तक की आमदनी लखनऊ के प्रमुख स्टेशनों से होती रही है।
इतना महंगा है सफर
रूट ट्रेन बस
लखनऊ से कानपुर 20 रुपये 118 रुपये
लखनऊ से हरदोई 25 रुपये 127 रुपये
लखनऊ सुलतानपुर 35 रुपये 192 रुपये
लखनऊ बाराबंकी 10 रुपये 52 रुपये
(नोट: मेमू ट्रेन का किराया कोविड के पूर्व का है।)
नए रैक आने के बाद ही आएगी पटरी पर
उत्तर रेलवे के डीआरएम एसके सपरा का कहना है कि मेमू ट्रेनों को चलाने की तैयारी रेलवे प्रशासन की ओर से की जा चुकी है। पर, इन्हें नए रैक केसाथ चलाया जाएगा। नया रैक आने के बाद ही मेमू पटरी पर उतर सकेगी।