मोहनलालगंज (लखनऊ)। तहसील के राजस्व विभाग में संग्रह अमीन पद से रिटायर कर्मचारी को 22 साल की भागदौड़ के बाद भी पेंशन नहीं मिल सकी है। तहसील के चक्कर काटते-काटते इस बुजुर्ग की अब आंखों की रोशनी तक चली गई है, लेकिन इसके बाद भी विभाग के अधिकारियों का दिल नहीं पसीज रहा है।
मोहनलालगंज कस्बा निवासी बुजुर्ग हरिशंकर ने बताया कि वह 31 अगस्त 1999 को राजस्व अमीन के पद से रिटायर हुए थे। तब से लगातार विभाग के बाबुओं के चक्कर लगा रहे हैं। इस बीच हाई ब्लड प्रेशर व शुगर की बीमारी के चलते धीरे-धीरे दोनों आंखों की रोशनी चली गई तो अब तहसील की दौड़ भी नहीं लगा पा रहे हैं। पेंशन के लिए बाबुओं को फोन कर मदद की गुहार लगा रहे थे। कुछ दिन तक तो बाबू ने पेंशन दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन अब एक बाबू ने तो उनका नंबर ही ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है और दूसरे कर्मचारियों ने फोन उठाना तक बंद कर दिया है। इससे वह बेबस हो गए हैं। मामले में एसडीएम मोहनलालगंज शुभी काकन का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराकर सेवानिवृत्त कर्मचारी को न्याय दिलाया जाएगा।