सीवर, सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मृत्यु पर संबंधित सफाईकर्मियों के परिजनों को सरकार 10 लाख रुपये का मुआवजा देगी। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल के लिए नियमावली में बदलाव के प्रस्ताव को प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वच्छकारों की सीवर व सेप्टिक टैंक आदि की सफाई के दौरान मृत्यु पर परिजनों की सहायता का आदेश दिया था। सरकार ने इसके लिए हाथ से मैला ढोने वाले कर्मियों के पुनर्वासन से जुड़ी व्यवस्था में संशोधन का फैसला किया है।
नगरीय क्षेत्रों में नगर विकास विभाग और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतीराज विभाग मुआवजा देगा। इसके तहत मृतक आश्रित को 10 लाख रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कोर्ट केआदेश पर अब तक 67 लोगों को इस तरह की सहायता दी जा चुकी है।
वाराणसी में गंगा नदी अस्सी घाट से राजघाट तक क्रूज बोट का संचालन गोवा शिपयार्ड लिमिटेड करेगा। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी। कंपनी ने पहले चरण के कार्य के लिए 4.97 करोड़, द्वितीय चरण में 2.57 करोड़ तथा तृतीय चरण में 2.26 करोड़ रुपये सहित कुल लगभग 9.81 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का उपक्रम है और जलयान निर्माण में इसकी विशेषता है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि वाराणसी के पर्यटन विकास के लिए केन्द्र सरकार ने प्रसाद योजना के तहत अस्सी घाट से राजघाट तक क्रूज बोट संचालित करने के लिए 10.70 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की है। सरकार ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया है। क्रूज बोट के लिए निगम की ओर से तीन बार आमंत्रित टेंडर भी निरस्त किए गए। निगम ने साफ कर दिया है कि टेंडर प्रक्रिया से क्रूज बोट संचालन संभव नहीं है।