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कैबिनेट के फैसले: वित्तविहीन शिक्षकों को भी मिलेगा ‘मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार’

Mon, 03 Dec 2018 11:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को 25 दिसंबर को ‘मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के रूप में प्रत्येक शिक्षक को 25 हजार रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न दिया जाएगा। कैबिनेट ने वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार योजना को मंजूरी दी।

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 प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त 19275 माध्यमिक वित्तविहीन विद्यालय हैं। माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में वित्तविहीन विद्यालयों का 75 प्रतिशत योगदान है। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को भी प्रति वर्ष 25 दिसंबर (पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर) या मुख्यमंत्री की ओर से निर्धारित तिथि पर सम्मानित किया जाएगा।

प्रत्येक मंडल से एक शिक्षक और कुल 18 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार चयन के लिए मंडल, जिला और राज्य स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। पुरस्कार के लिए वित्तविहीन शिक्षक को 15 वर्ष और प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य को 20 वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा। शिक्षकों का मूल्यांकन एक सारिणी के अनुसार किया जाएगा। चयन के लिए 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। वस्तुपरक मापदंड के लिए 20 और प्रदर्शन आधारित मापदंड के लिए 80 अंक निर्धारित किए हैं। 

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सीवर, सेप्टिक टैंक की सफाई में मौत पर परिजनों को 10 लाख मुआवजा

सीवर, सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मृत्यु पर संबंधित सफाईकर्मियों के परिजनों को सरकार 10 लाख रुपये का मुआवजा देगी। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल के लिए नियमावली में बदलाव के प्रस्ताव को प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वच्छकारों की सीवर व सेप्टिक टैंक आदि की सफाई के दौरान मृत्यु पर परिजनों की सहायता का आदेश दिया था। सरकार ने इसके लिए हाथ से मैला ढोने वाले कर्मियों के पुनर्वासन से जुड़ी व्यवस्था में संशोधन का फैसला किया है।

नगरीय क्षेत्रों में नगर विकास विभाग और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतीराज विभाग मुआवजा देगा। इसके तहत मृतक आश्रित को 10 लाख रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कोर्ट केआदेश पर अब तक 67 लोगों को इस तरह की सहायता दी जा चुकी है।
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गोवा शिपयार्ड संचालित करेगा गंगा में क्रूज बोट

वाराणसी में गंगा नदी अस्सी घाट से राजघाट तक क्रूज बोट का संचालन गोवा शिपयार्ड लिमिटेड करेगा। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी। कंपनी ने पहले चरण के कार्य के लिए 4.97 करोड़, द्वितीय चरण में 2.57 करोड़ तथा तृतीय चरण में 2.26 करोड़ रुपये सहित कुल लगभग 9.81 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का उपक्रम है और जलयान निर्माण में इसकी विशेषता है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि वाराणसी के पर्यटन विकास के लिए केन्द्र सरकार ने प्रसाद योजना के तहत अस्सी घाट से राजघाट तक क्रूज बोट संचालित करने के लिए 10.70 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की है। सरकार ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया है। क्रूज बोट के लिए निगम की ओर से तीन बार आमंत्रित टेंडर भी निरस्त किए गए। निगम ने साफ कर दिया है कि टेंडर प्रक्रिया से क्रूज बोट संचालन संभव नहीं है।
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