इंजीनियर्स भवन में हुए व्याख्यान में बोलते इंजीनियर मुर्गेश भुस्ताली। -संवाद
लखनऊ। भवन निर्माण की मजबूती के लिए सही सीमेंट का चयन और उसकी ब्लेंडिंग पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। दक्षिण भारत में भवनों के निर्माण में जोड़ तक का पता नहीं चलता। इसके पीछे तकनीकी रूप से दक्ष अभियंताओं के साथ कुशल श्रमिकों की भी अहम भूमिका है। आजकल ज्यादातर श्रमिक सीमेंट की ब्लेंडिंग पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते, जिससे भवन की मजबूती प्रभावित होती है। यह बातें डालमिया सीमेंट चेन्नई के पूर्व सहायक कार्यकारी निदेशक इंजीनियर मुर्गेश भुस्ताली ने कहीं।
मौका था द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र की ओर से शनिवार को रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंजीनियर्स भवन में आयोजित ‘सीमेंट के रसायन और मिश्रित सीमेंट के उपयोग’ विषयक व्याख्यान का। उन्होंने ब्लेंडेड सीमेंट की अवधारणा, उसके प्रकार, उपयोगिता और निर्माण क्षेत्र में इसके लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के अध्यक्ष वीपी सिंह ने की।
कार्यक्रम के संयोजक जेबी सिंह ने कहा कि इस तरह के तकनीकी व्याख्यान अभियंताओं के ज्ञान को बढ़ाने में सहायक होते हैं। संस्था के मानद सचिव इं. एनके निषाद ने मुख्य वक्ता, अध्यक्ष, अभियंताओं, शिक्षाविदों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इंजीनियर्स भवन में हुए व्याख्यान में बोलते इंजीनियर मुर्गेश भुस्ताली। -संवाद
इंजीनियर्स भवन में हुए व्याख्यान में बोलते इंजीनियर मुर्गेश भुस्ताली। -संवाद