स्पेशल राउंड में भी कम हुए पंजीकरण
प्रदेश के सरकारी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थानों की खाली सीटों के लिए स्पेशल राउंउ की काउंसिलिंग में भी अपेक्षा के अनुरूप रजिस्ट्रेशन नहीं हुए। इसमें खाली सीटों के सापेक्ष मात्र 244 नए रजिस्ट्रेशन हुए और बाकी पुराने रजिस्टर्ड विद्यार्थियों ने ही चॉइस भरी है। इसलिए खाली सीटों के लिए एक और विशेष राउंड कराना होगा।
इस साल पहली बार स्पेशल राउंड में एकेटीयू के सरकारी कॉलेजों के साथ-साथ प्रदेश के एक दर्जन विश्वविद्यालय भी स्पेशल राउंड में शामिल हुए हैं। एकेटीयू से संबद्ध सरकारी कॉलेजों में 887 तो इन विश्वविद्यालयों में लगभग 3100 सीटें खाली हैं। वहीं इस चरण में नए रजिस्ट्रेशन अपेक्षाकृत काफी कम हुए। रविवार सुबह तक चले रजिस्ट्रेशन में कुल 244 नए विद्यार्थी ही शामिल हुए हैं। वहीं पूर्व में जिन विद्यार्थियों को काउंसिलिंग में सीट नहीं मिली या जिन्होंने अपनी सीट विड्रॉ कर ली थी, ऐसे 1450 विद्यार्थियों ने भी निर्धारित शुल्क देकर अपनी चॉइस भरी है। इस तरह इस चरण में भी लगभग 1700 ही विद्यार्थी शामिल हुए, जबकि सीटें 4000 के करीब हैं। हालांकि अधिकतर विद्यार्थियों ने एकेटीयू के सरकारी कॉलेजों को वरीयता दी है। इसके बाद भी सीटें खाली रहना तय है। इन्हें भरने के लिए एक और स्पेशल राउंड करना पड़ेगा। इस पर निर्णय सोमवार को होगा। क्योंकि सोमवार को सुबह 10 बजे तक चॉइस भरी जा सकेगा। इसके बाद शाम को सीट एलॉटमेंट जारी होगा। सीटें खाली रहने पर मंगलवार से नए चरण की काउंसिलिंग का आयोजन होगा। इसके बाद फिर विद्यार्थियों के लिए सिर्फ डायरेक्ट एडमिशन का ही अवसर होगा।