सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह तंबाकू उत्पाद अब लती लोगों की जेब पर और भारी पड़ेगी। सूबे में सिगरेट व सिगार पर 15 फीसदी और वैट की वसूली होगी।
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खुली सिगरेट की बिक्री भी नहीं हो सकेगी। यानी सिगरेट पीने वालों को पूरा पैकेट ही खरीदना पड़ेगा। वहीं, सादा पान मसाला, खैनी, जर्दा, तंबाकू व उससे बने उत्पाद भी 10 फीसदी महंगे हो जाएंगे। बुधवार को प्रदेश कैबिनेट ने इसपर मुहर लगा दी।
प्रदेश में सिगरेट व सिगार पर मौजूदा समय 25 फीसदी तो सादा पान मसाला, खैनी, जर्दा, सुर्ती व तंबाकू से बने उत्पादों पर 30 प्रतिशत वैट लिया जा रहा है। अब इन सभी उत्पादों पर 40 फीसदी के हिसाब से वैट की वसूली की जाएगी।
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राज्य सरकार को इससे हर साल करीब 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। वाणिज्य कर विभाग जैसे ही इस संबंध में संशोधित आदेश जारी करेगा इन उत्पादों ने 40 फीसदी के हिसाब से वैट की वसूली शुरू हो जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट में इन कई और बड़े निर्णय लिए गए।
40 हजार से ज्यादा के वाहनों का रजिस्ट्रेशन महंगा
सूबे में 40 हजार से ज्यादा कीमत वाले दो पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन अब महंगा हो जाएगा। ऐसे वाहनों से 7 फीसदी के बजाय 10 फीसदी रोड टैक्स लिया जाएगा। वहीं 10 लाख से अधिक कीमत के एसी वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी महंगा होगा।
ऐसे वाहनों पर लगने वाला टैक्स 8 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। कैबिनेट ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। हालांकि नॉन एसी वाहनों पर पहले की तरह 7 फीसदी टैक्स लिया जाता रहेगा।
एसी वाहनों के लिए दो श्रेणियां बनाई गई हैं। पहली श्रेणी में 10 लाख से कम कीमत वाले वाहन रखे गए हैं। इन पर पूर्व की तरह 8 प्रतिशत टैक्स लिया जाता रहेगा और 10 लाख से अधिक कीमत वाले वाहनों पर अब 10 प्रतिशत टैक्स लिया जाएगा।
मॉडल स्कूलों को चलाएंगे प्राइवेट पार्टनर प्रदेश में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में बने 191 मॉडल स्कूलों को अब प्राइवेट पार्टनर चलाएंगे। इन्हें चरणबद्ध तरीके से निजी हाथों में देते हुए शुरू कराया जाएगा। इसके लिए गठित राज्य स्तरीय समिति तथा राज्य मॉडल स्कूल संगठन को भी समाप्त कर दिया गया है।
योजना का क्रियान्वयन, संचालन, अनुश्रवण व समीक्षा की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को मिली है। सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी से मॉडल स्कूलों के संचालन के लिए भविष्य में नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री के पास रहेगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया। मॉडल स्कूलों के निर्माण पर केंद्र ने 75 और राज्य सरकार ने 25 प्रतिशत खर्च किया है। केंद्र सरकार ने अब इन्हें चलाने के लिए बजट देने से इन्कार कर दिया है।
कोक पर भी लगेगा दो फीसदी एंट्री टैक्स
प्रदेश में कोयले के साथ कोक पर भी दो फीसदी एंट्री टैक्स की वसूली की जाएगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया। प्रदेश में दूसरे राज्यों से लाए जाने वाले कोयले पर दो फीसदी की दर से एंट्री टैक्स लिया जा रहा है, लेकिन कोयला बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कोक पर नहीं लिया जा रहा है।
प्रदेश में साफ्ट कोक व हार्ड कोक भी बाहर से मंगाया जाता है। इसलिए वाणिज्य कर विभाग ने कोयले के साथ कोक पर भी दो फीसदी एंट्री टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया था। इसके पीछे उसने तर्क दिया था कि इससे राज्य सरकार को सालाना 25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है।
खाने के तेल के आयात पर परिवहन मेमो जरूरी प्रदेश में नौ टन से अधिक खाने का तेल आयात करने के लिए व्यापारियों को परिवहन मेमो भरना अनिवार्य कर दिया गया है। अब तक परिवहन मेमो भरे बिना ही इसका आयात करने की सुविधा थी। इसके चलते वाणिज्य कर विभाग को आए दिन टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
वाणिज्य कर विभाग ने प्रदेश में किसी भी प्रकार की वस्तु लाने पर फॉर्म 21 (परिवहन मेमो) भरना अनिवार्य कर रखा है। इसमें व्यापारी को यह सूचना देनी होती है कि वह कितना माल ला रहा है। इसके आधार पर ही टैक्स की वसूली होती है। वाणिज्य कर अधिकारी भी जांच के दौरान इसी फॉर्म 21 को देखकर माल का अंदाजा लगता है।
ढहाए जाएंगे लघु सिंचाई प्रशिक्षण संस्थान के जर्जर भवन
राजधानी के बक्शी के तालाब स्थित लघु सिंचाई एवं जल प्रयोग प्रशिक्षण संस्थान के जर्जर भवनों को ढहाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने बुधवार को मुहर लगा दी। पुराना छात्रावास, टाइप-1 के 22 आवास, टाइप-2 के 19, टाइप-4 के चार और टाइप-5 के दो आवासों को गिराने का निर्णय हुआ है।
लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से होने वाले कार्यों को कराने के लिए लघु सिंचाई एवं जल प्रयोग प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण दिया जाता है। यह संस्थान राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के परिसर के बगल स्थित है। इसकी स्थापना 1962-1965 के बीच हुई थी। भवनों की दीवारों का निर्माण मिट्टी के गारे से किया गया था और छत आरवीडब्ल्यू की है, जिनकी उम्र मानक के अनुसार पूरी हो चुकी है।
शहरी क्षेत्रों में बिजली सुधार की योजना को मंजूरी केंद्र सरकार के सहयोग से शहरों में बिजली सुधार की योजना को राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में समन्वित विद्युत विकास योजना (आईपीडीएस) के तहत केंद्र सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में बिजली सुधार के लिए स्वीकृत की गई लगभग 3500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की लागत का 10 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा बिजली कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया।
इसके साथ ही योजना के वित्त पोषण के लिए बिजली कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले ऋण में से राज्य सरकार उतने हिस्से की ही गारंटी लेगी, जिस सीमा तक केंद्र सरकार ऋण राशि को अनुदान में परिवर्तित करेगी। गौरतलब है कि 30 हजार से अधिक आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में पुनरीक्षित त्वरित विद्युत विकास एवं सुधार योजना (आर-एपीडीआरपी) के अंतर्गत 11वीं एवं 12वीं पंचवर्षीय योजना में केंद्र विद्युत नेटवर्क के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण तथा लाइन हानियां कम करने के लिए आर्थिक सहायता दे रहा है। योजना में प्रदेश के 167 शहरी क्षेत्र शामिल हैं।
ऑटो रिक्शा में लगेंगे इमरजेंसी बटन और इलेक्ट्रॉनिक मीटर
ऑटो रिक्शा में इलेक्ट्रॉनिक मीटर व युवतियों को छेड़छाड़ से बचाने के लिए इमरजेंसी बटन लगाने का काम वेंडर से कराया जाएगा। वेंडर का चयन टेंडर के माध्यम से किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया।
इसके लिए तकनीकी रूप से दक्ष और योग्य निविदादाताओं में से न्यूनतम बोली लगाने वाले वेंडर का चयन किया जाएगा। परिवहन आयुक्त संगठन में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी उक्त तकनीकी तथा निविदा आदि कार्यों में दक्ष नहीं होते हैं।
इसलिए टेंडर डॉक्यूमेंट्स तैयार करने से लेकर वेंडर्स के चयन तक पूरी प्रक्रिया दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डीम्ट्स) से बतौर कंसल्टेंट के रूप में कराई जाएगी।
किसानों की सुविधा के लिए खुलेंगे 1000 एग्री जंक्शन सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 1000 एग्री जंक्शन खोलने का फैसला किया है। इन्हें फिलहाल ब्लॉक और तहसील मुख्यालयों पर खोला जाएगा। इनमें किसानों की जरूरत का सारा सामान एक ही स्थान पर उलब्ध हो सकेगा। साथ ही सूबे के कृषि स्नातकों या कृषि व्यवसाय प्रबंधन से स्नातक युवकों को रोजगार भी मिल सकेगा। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसे नाबार्ड के सहयोग से चलाया जाएगा।
ये उठा सकते हैं लाभ : इसके लिए अधिकतम 40 की आयु वाले ही आवेदन कर सकेंगे। अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं को आयु सीमा में 5 वर्ष तक की छूट मिलेगी। योजना की लागत अधिकतम चार लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 3.50 लाख रुपये ऋण के रूप में दिए जाएंगे।
आवेदक को परियोजना लागत का 12.50 प्रतिशत मार्जिन मनी के रूप में देना होगा। प्रदेश सरकार से 60 हजार रुपये बतौर सहायता मिलेंगे। इसमें ब्याज अनुदान के लिए 42 हजार रुपये, परिसर के तीन साल के किराए के लिए अधिकतम 12 हजार रुपये, लाइसेंस फीस की प्रतिपूर्ति के लिए अधिकतम 3 हजार रुपये एवं अन्य कार्य के लिए 3 हजार रुपये होंगे।