लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में को-कॅरिकुलर कोर्सों को लेकर विद्यार्थियों की समस्याएं समाप्त होने का नाम नहीं ले रही हैं। विवि प्रशासन ने भले ही कला संकाय में को-कॅरिकुलर कोर्सों की सूची बुधवार को जारी की हो लेकिन बृहस्पतिवार को विद्यार्थी जब विभाग पहुंचे तो उन्हें सीटें फुल होने की सूचना दी गई। इसके बाद वे विभागों के चक्कर काटते रहे।
लविवि प्रशासन की ओर से को-कॅरिकुलर कोर्सों की सूची जारी करने के बाद बृहस्पतिवार को बीए व बीएससी के पहले व तीसरे सेमेस्टर के विद्यार्थी एमआईएच, हिंदी व कुछ अन्य विभागों में गए। वहां उन्हें बताया गया कि को-कॅरिकुलर की सीटें पहले ही फुल हो गई हैं। इसके बाद वे आइसा के अर्पित जायसवाल के साथ डीन आर्ट्स से मिलने पहुंचे लेकिन वह भी नहीं मिलीं। इसके बाद वे डीन कॉमर्स से मिले, जिन्होंने कहा कि जल्द ही इस समस्या का निराकरण होगा। छात्रों ने रजिस्ट्रार संजय मेधावी से भी मिलकर अपनी दिक्कत बताई।
एक ही दिन में कैसे भर गईं सभी सीटें
छात्रों ने कहा कि वे जब पहले विभाग गए तब भी उन्हें प्रवेश नहीं मिला। जब विवि ने एक ही दिन पहले कोर्सों की सूची जारी की है तो इतना जल्दी सभी सीटें कैसी भर गईं? इसके बारे में विभागों से भी पूछना चाहिए कि उन्होंने किस आधार पर इसमें प्रवेश लिए हैं। वहीं इस बारे में रजिस्ट्रार संजय मेधावी ने कहा कि छात्रों ने मिलकर अपनी समस्या बताई है। शुक्रवार को इस बारे में बैठक कर तय कर दिया जाएगा कि इनकी कक्षाएं कैसे चलेंगी और शेड्यूल क्या होगा। विद्यार्थियों का प्रवेश भी सुनिश्चित कराया जाएगा।
वोकेशनल कोर्सों के लिए करना होगा इंतजार
लविवि के दूसरे-चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को वोकेशनल कोर्सों के लिए अभी इंतजार करना होगा। क्योंकि विवि प्रशासन अभी इन्हें अंतिम रूप नहीं दे पाया है। यही वजह है कि इनकी सूची भी नहीं जारी की गई है। रजिस्ट्रार संजय मेधावी ने कहा कि अभी इसकी पढ़ाई व परीक्षा में समय है। जल्द ही इनकी भी सूची जारी कर दी जाएगी।
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कुलपति ने छात्रों संग की चाय पर चर्चा
लखनऊ। लविवि में छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर बढ़ती नाराजगी के बीच बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कैंपस का भ्रमण कर विद्यार्थियों से मुलाकात की और चाय की चुस्की संग बात भी की। कुलपति सबसे पहले डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने कैंटीन गए और विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई आदि के बारे में पूछा और चाय भी पी। इसके बाद वे किशोरी कैंटीन गए, जहां उनको देखकर छात्रों में हड़कंप मच गया। हालांकि उन्होंने सभी को बैठने को कहा और बताया कि वो जांच करने नहीं आए हैं। वे उनसे बातचीत करने आए हैं। इसी क्रम में वे साइंस कैंटीन भी गए और विद्यार्थियों से बातचीत की। उनके साथ चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी, प्रॉक्टोरियल बोर्ड के डॉ. ओपी शुक्ला, डॉ. महेंद्र अग्निहोत्री आदि भी मौजूद रहे। (माई सिटी रिपोर्टर)