रायबरेली। नगर पालिका की ओर से रखे गए कूड़ेदान मेंं जलकर हुई बछड़े की मौत के बाद भी सदर कोतवाली पुलिस की ओर से न तो कोई केस दर्ज किया गया और न ही आरोपियों की तलाश की गई। सीओ सदर ने बुधवार को प्रकरण को गंभीरता से लिया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के जरिये बछड़े को कूड़ेदान में फेंकने वालों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीओ के अल्टीमेटम के बाद सदर कोतवाल हरकत में आए। खास बात यह रही कि बछड़े की मौत के बाद इंदिरा नगर और राजघाट चौकी पुलिस एक-दूसरे का क्षेत्र बताकर मामले से पीछा छुड़ाती रही।
दरअसल, शहर के राजघाट क्षेत्र के पास नगर पालिका के कूड़ेदान में एक बछड़ा जल रहा था। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई थी। इस दौरान एक दरोगा व एक अन्य पुलिस कर्मी वहां पर खड़े भी थे। बछड़े को किसी ने कूड़ेदान में फेंका था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हिंदू संगठनों में भी इसको लेकर नाराजगी है।
सीओ ने बताया कि बछड़े को कूड़ेदान में फेंकने वालों की पहचान कराई जा रही है। केस दर्ज कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
गोवंश का सिर फेंकने वाले आज तक पकड़ से दूर
सदर कोतवाली पुलिस की निष्क्रियता के चलते गोवंश की मौत के मामले बढ़ रहे हैं। 30 दिसंबर 2023 को रेलवे स्टेशन पर गोवंश का कटा सिर फेंक दिया गया था। हिंदू संगठनों ने पहुंचकर शहर में पशुओं की तस्करी होने का आरोप लगाया था। पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। इस प्रकरण को तीन माह का समय बीत चुका है। बावजूद इसके पुलिस गोवंश का सिर कटा फेंकने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर की बात, उनकी पहचान तक नहीं कर पाई।