करीबियों में युवक के हत्यारे की तलाश, घटनास्थल पर सक्रिय मिले फोन नंबर पर नजर
लखनऊ। नगराम के कुबहरा गांव में रविवार रात घर से निकले महेश (35) की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। हत्या के पीछे किसी करीबी की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने नामजद सात आरोपियों में से छह को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के मुताबिक घटनास्थल पर रविवार रात में सक्रिय कुछ फोन नंबर के बारे में पता लगाया जा रहा है। जल्द ही वारदात का राजफाश कर दिया जाएगा।
पुलिस ने महेश की कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी निकलवाई है। सर्विलांस की टीम पूरे मामले की छानबीन कर रही है। महेश की रविवार रात में जिन लोगों से फोन पर बात हुई थी, उनका ब्योरा निकलवाया जा रहा है। पुलिस ने घटना स्थल से मिले शराब के बोतल के आधार पर खरीदारी करने वालों का भी पता लगा रही है। शराब की दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली गई है। माना जा रहा है कि वारदात में एक महिला के अलावा दो अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि अब तक की पूछताछ में नामजद आरोपियों की संलिप्तता के ठोस सुराग नहीं मिले हैं। हालांकि, सभी पहलुओं पर पड़ताल के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि महेश का शव सोमवार सुबह गांव के बाहर सहजराम के खेत में पड़ा मिला था। बेल्ट से गला कसकर महेश की हत्या की गई थी। आरोप है कि तीन साल पहले गांव के सहजराम रावत ने आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में उन्होंने महेश व उनकी पत्नी सुनीता को दोषी ठहराया था। मामले में जेल भेज गए महेश व सुनीता एक साल पहले रिहा हुए थे। परिजनों का आरोप है कि महेश की हत्या कर सहजराम की समाधि पर उनका शव रखा गया था।
परिजनों ने सहजराम के बेटे लवकुश व अन्य परिजनों का आरोपी बनाया है। वारदात के पीछे बदले की भावना बताई गई है। सुनीता की तहरीर पर गांव के रामदीन रावत, उसके लड़के दीपू, लवकुश, लवकुश की मां विनीता, बहन रेशमा और गोसाईंगंज के कर्बला मीसा गांव निवासी सुरेंद्र कुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर पुलिस पड़ताल कर रही है।