एक पीड़ित महिला लखनऊ में भर्ती, डेंगू के भी मिले तीन पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। जिले में डेंगू, एईएस के बाद अब स्क्रब टाइफस ने भी पांव पसार दिए हैं। लैब की जांच में चार बच्चियों समेत पांच मरीज स्क्रब टाइफस के मिले हैं। महिला को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष मरीजों का जिले के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसके अलावा डेंगू के भी तीन नए केस मिले हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांवों में पहुंचकर परिवार के लोगों की सेहत जांची है। दवा का छिड़काव भी किया गया है। उधर, जिला अस्पताल की ओपीडी में भी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
जिले के लालगंज क्षेत्र के पूरे शीतला बख्श निवासी वैष्णवी (5), सलोन क्षेत्र के धई निवासी नैना (6), हरचंदपुर क्षेत्र के माझीगांव निवासी जान्हवी (6), शहर क्षेत्र की माही (5), शहर के ही नयापुरवा की कंचन (48) स्क्रब टाइफस की चपेट में आ गए हैं। कंचन को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष बच्चों का जिले के अस्पतालों में ही इलाज चल रहा है। इसके अलावा डलमऊ निवासी रागिनी (22), शहर के पुलिस लाइन के पास रहने वाली विनीता (31) और लालगंज निवासी चंद्रभान (65) डेंगू संक्रमित मिले हैं।
जांच रिपोर्ट आने के बाद मलेरिया निरीक्षक आतिफ खान के नेतृत्व में टीमों ने मरीजों के घरों में पहुंचकर परिवार के लोगों की सेहत जांची। जांच के लिए ब्लड के सैंपल भी भरे। गांवों में दवा के छिड़काव के साथ ही लोगों को मच्छरों से बचने की सलाह दी। उधर, जिला अस्पताल में परचा से लेकर दवा काउंटर तक सुबह से मरीजों की भीड़ रही। जांच कराने के लिए पैथोलॉजी में भी लाइन लगी रही।
स्क्रब टाइफस के लक्षण
झाड़ियों में जुएं के आकार के रहने वाले रिकेटसिया कीट (पिस्सुओं) के काटने से स्क्रब टाइफस चमड़ी के सहारे शरीर में प्रवेश करता है। जिस स्थान पर यह कीट काटता है, शरीर के उस स्थान पर फफोले नुमा काली पपड़ी पड़ जाती है। स्क्रब टाइफस की चपेट में आने से बुखार 104 डिग्री तक हो जाता है। शरीर में दर्द, ऐंठन व अकड़न हो जाती है। बाजू, हाथ, गर्दन में गिल्टियां हो जाती हैं। डेंगू की तरह ही इस रोग से पीड़ित व्यक्ति में प्लेटलेट्स गिरती हैं। यह संक्रामक रोग नहीं है।
जिले में स्क्रब टाइफस के पांच केस मिले हैं। सभी मरीजों पर नजर रखी जा रही है। सभी मरीज स्वस्थ हैं। उनका इलाज चल रहा है। लोग मच्छरों से बचने का प्रयास करें। -डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ