सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार को अस्पतालों में तड़प रहे मरीजों की चीत्कार नहीं सुनाई दे रही है। सत्ता के काले चश्मे से शायद भाजपा नेतृत्व को कफन के बिना दफन लाशें नहीं दिखती हैं। महज कुर्सी की चाहत में भाजपा सरकार गरीबों व अस्पतालों में तड़प रहे मरीजों की जिंदगी बचाने चीख नहीं सुन रही है। मुख्यमंत्री जिलों का दौरा कर कोरोना संक्रमण और ब्लैक फंगस पर नियंत्रण के दावे कर रहे हैं जबकि जमीनी हकीकत बहुत दर्दनाक है। लखनऊ और खुद मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है।
अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद के सरदारनगर ब्लॉक के गौनर गांव में ढाई महीने में 100 से ज्यादा मौतें हो गईं। ब्रह्मपुर ब्लॉक के राजधानी गांव में एक महीने में 50 से ज्यादा लोगों की जानें गई। रुद्रपुर, देवरिया के बैदा गांव में एक महीने में 20 और बलिया के सोहांव गांव में एक महीने में 42 मौतें हुई हैं।
इसी तरह लखनऊ के चिनहट ब्लॉक के गांव जुगौरा में इसी माह 50 लोगों की मौत हो गई। गोसाईगंज क्षेत्र के यूसुफनगर बगियामऊ गांव में पिछले डेढ़ महीने में 20 से अधिक मौतें हुई, जिसमें 14 मौतें कोविड से हुईं। प्रशासन से गुहार के बावजूद स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची। संक्रमण से रक्षा कवच के रूप में टीकाकरण का बड़ा ढोल पीटा जा रहा है जबकि अभी तक 130 दिन में 35 लाख को दूसरी डोज भी नहीं लग पाई है।