लखनऊ। सीडीआरआई में आयोजित संगोष्ठी में विभिन्न देशों से आए वैज्ञानिकों ने वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियां और उनसे निपटने की रणनीति पर चर्चा की। सभी वैज्ञानिकों ने माना कि ह्रदय संबंधी रोग पूरे विश्व में स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभरे हैं। वैज्ञानिकों ने माना कि आपसी सहयोग और मिलकर काम करने से वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। पैनल में मौजूद सभी वैज्ञानिकों ने नई खोजों पर चर्चा से ज्ञान में वृद्धि, नेटवर्किंग और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण जरूरत बताया।
कार्यक्रम के दौरान यूएसए के ड्यूक विश्वविद्यालय के प्रो. पेई झोउ ने संक्रामक रोगों के उपचार संबंधी शोध में नई एंटीबायोटिक्स पर चर्चा की। जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च, बंगलुरु के प्रो. जयंत हलदर ने रोगाणुरोधी प्रतिरोध पर अपनी शोध पर चर्चा की। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के डॉ. डेनियल गोल्डबर्ग ने गैर-हार्मोनल गर्भनिरोधक दवाओं संबंधी अनुसंधानों के बारे में बताया। ब्रिटेन के डंडी विश्वविद्यालय के प्रो. इयान एच गिल्बर्ट ने संक्रामक रोगों के उपचार संबंधी दवाओं की खोज में आ रही परेशानियों के बारे में बताया। संगोष्ठी के समापन समारोह में युवा वैज्ञानिकों को चार सर्वश्रेष्ठ फ्लैश टॉक पुरस्कार और विभिन्न क्षेत्रों में 34 सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।