लखनऊ। बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में शुक्रवार को भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव-2025 की तैयारियों के तहत कर्टेन-रेजर हुआ। संस्थान के निदेशक प्रो. महेश जी. ठक्कर ने कहा कि विज्ञान हमेशा से सामाजिक विकास की आधारशिला रहा है। युवाओं से वैज्ञानिक सोच विकसित करने और विज्ञान को प्रयोगशाला से बाहर समाज तक ले जाने का आग्रह किया।
मुख्य अतिथि यूपीएसआईएफएस के निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा कि विज्ञान व कानून का मजबूत संबंध न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी व सटीक बनाता है। यूपीएसआईएफएस की डॉ. श्रुति दास गुप्ता ने डीएनए तकनीक की प्रगति और उसके आपराधिक जांच में उपयोग पर बात की। वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा पांडे व विज्ञान भारती के आयोजन सचिव अंकित राय ने भी अपनी बात रखी।