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UP: खुले नाले में साइकिल सहित गिरा स्कूली छात्र, सफाईकर्मियों ने बचाई जान; 24 बैठकें...दावे हजार और नतीजे सिफर

Sat, 02 Aug 2025 10:55 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में स्कूली छात्र साइकिल सहित खुले नाले में गिर गया। काम कर रहे सफाईकर्मियों ने उसकी जान बचाई। जिम्मेदारों ने 24 बैठकें कीं, दावे भी हजारों किए लेकिन नतीजे सिफर रहे। 
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खुले नाले में साइकिल सहित गिरा स्कूली छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में भारी बारिश के बीच शनिवार शाम को नगर निगम की लापरवाही की भेंट चढ़ने से एक स्कूली छात्र बच गया। रकाबगंज में खुले नाले में छात्र साइकिल सहित गिर गया। आनन-फानन आसपास सफाई कर रहे लोगों ने बच्चे की जान बचाई। इसके बाद जान में जान आई। कुछ देर बाद बच्चे की साइकिल भी निकाल ली गई। बताया जा रहा है कि सड़क पर कार गुजर रही थी। इससे बचने के लिए बच्चा किनारे गया और नाले में गिर गया।

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मामला वार्ड संख्या 61 तिलकनगर कुंडरी रकाबगंज वार्ड का है। यहां शनिवार शाम तक भारी बारिश की वजह से जलभराव था। सड़क किनारे बना नाला खुला हुआ है। उसका पत्थर नहीं लगा है। इसी बीच स्कूली की छुट्टी के बाद एक छात्र घर को लौट रहा था। छात्र साइकिल से था और स्कूली बैग पीठ पर टांगे हुए था। 

साइकिल सवार छात्र अचानक असंतुलित हो गया। वह साइकिल सहित नाले में गिर गया। हालांकि वह डूबता, उससे पहले ही रोड पर सफाई कर रहे लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया। इसी बीच अन्य लोग भी आ गए। पूर्व पार्षद राजीव त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें जब मामले की जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंचे। नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा शनिवार को बच्चे व उसके परिजनों को भुगतना पड़ सकता था।

सफाईकर्मियों ने बचाई जान

पूर्व पार्षद राजीव त्रिपाठी ने बताया कि बच्चे की किस्मत अच्छी थी। मौके पर सिल्ट उठा रहे सफाईकर्मियों ने जैसे ही बच्चे को साइकिल समेत गिरते देखा, वे तत्काल मदद के लिए पहुंच गए। उन्होंने बच्चे का हाथ पकड़ा और झट से उसे बाहर खींच लिया। इसके बाद सफाईकर्मियों ने बच्चे की साइकिल को बाहर निकाला।

नहीं लिए हादसों से सबक

ठाकुरगंज में मंजू टंडन ढाल के पास हाल ही में हुई झमाझम बारिश के दौरान नाले में पेंटर सुरेश लोधी गिर गए थे। उन्हें तलाशने के लिए नगर निगम, एनडीआरएफ की टीमें लगाई गई थीं, लेकिन तलाश नहीं पाए। अगली सुबह पेंटर का शव गऊघाट पर गोमती नदी किनारे मिला था। गत वर्ष गोलागंज में बारिश के दौरान बच्चा नाले में बह गया, उसका शव अगले दिन गोमती में मिला था। ऐसे हादसों के बाद भी नगर निगम सबक नहीं लेता। शहर में अभी भी नाले खुले पड़े हैं, लेकिन कार्रवाई शून्य है।

350 से अधिक नाले खुले, हादसों को दे रहे न्यौता

गोमतीनगर, अलीगंज, आलमबाग, हजरतगंज सहित कई वीआईपी इलाकों में नाले खुले पड़े हैं। ऐसे ही नालों में आए दिन हादसे होते हैं। इन नालों को ढकने के लिए नगर निगम अभियान चलाता है, लेकिन सारी कार्रवाइयां फौरी ही साबित होती हैं। अनुमान के अनुसार 350 से अधिक जगहों पर नाले व मेनहोल खुले हुए हैं। इन्हें ढकने की आवश्यकता है।
 
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24 बैठकें, दावे हजार, नतीजे सिफर

नगर निगम से जुड़े सूत्र बताते हैं इस वर्ष बारिश से पूर्व जलभराव आदि से होने वाली असुविधाओं से निपटने के लिए 24 से अधिक बैठकें हुईं। महौपार सुषमा खर्कवाले से लेकर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने तमाम दावे किए। मातहतों को निर्देशित किया गया, लेकिन नतीजे सिफर ही रहे। यही वजह है कि ठाकुरगंज में पेंटर को अपनी जान गंवानी पड़ी।

नगर निगम के जोनल अधिकारी संजीव प्रधान ने बताया कि रकाबगंज में स्कूली छात्र के साइकिल सहित नाले में गिरने की सूचना मिली। इसके बाद मौके पर गए, जहां यह जानकारी मिली कि सड़क पर सामने से आ रही कार से बचने के लिए बच्चा साइकिल सहित असंतुलित होकर नाले में गिर गया। बच्चे को बचा लिया गया है।
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