लखनऊ। ठाकुरगंज में बीती 14 जुलाई को खुले नाले में गिरकर पेंटर सुरेश लोधी की जान चली गई थी। इसके बाद भी जारी नगर निगम की लापरवाही से शहर में अब भी कई जगह खुले नाले हादसों का सबब बन रहे हैं। रकाबगंज में ऐसे ही खुले नाले में शनिवार को स्कूली छात्र साइकिल के साथ गिर गया। आसपास सिल्ट साफ कर रहे कर्मचारियों ने उसकी जान बचाई।
रकाबगंज वार्ड में जिस जगह पर हादसा हुआ वहां सड़क किनारे बने नाले पर पत्थर नहीं लगे हैं। शनिवार को तेज भारी से इलाके में जलभराव हो गया। इस बीच छुट्टी के बाद घर लौट रहा एक छात्र कार से बचने के लिए किनारे हुआ तो खुले नाले में गिर गया। पास में सफाई कर रहे कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे बचाया। लोगों की मदद से उसकी साइकिल भी निकाल ली गई। घटना की जानकारी पर पूर्व पार्षद राजीव त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चे की किस्मत अच्छी थी कि पास में सफाईकर्मी मौजूद थे।
350 से अधिक नाले खुले पड़े
गोमतीनगर, अलीगंज, आलमबाग, हजरतगंज सहित कई इलाकों में खुले नाले आए दिन हादसों का सबब बनते हैं। इसके बाद नगर निगम नाले ढकने के लिए अभियान चलाता है, लेकिन सारी कार्रवाई फौरी ही साबित होती है। अनुमान के अनुसार 350 से अधिक जगहों पर नाले व मैनहोल खुले हुए हैं।
आधिकारिक वर्जन
रकाबगंज में स्कूली छात्र के नाले में गिरने की सूचना मिली। इसके बाद मौके पर गए। पता चला कि कार से बचने के दौरान बच्चा असंतुलित होकर नाले में गिर गया। उसे बचा लिया गया है।
- संजीव प्रधान, जोनल अधिकारी, नगर निगम