डिग्री कॉलेजों व अन्य शैक्षिक संस्थानों का संदिग्ध मिला था 26 हजार डेटा
जिले में 58,171 ऑनलाइन आवेदनों में 47,491 छात्रों का डेटा वेरीफाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। डिग्री कॉलेजों व अन्य शैक्षिक संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के संदिग्ध मिले 26,091 आवेदनों की जांच पूरी हो गई है। जांच में 10,680 ऑनलाइन आवेदन को निरस्त कर दिया गया। जांच में 15,411 विद्यार्थियों के संदिग्ध डेटा की खामियों को दूर कराया गया है। जिले में सामान्य, अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति के कुल 58,171 ऑनलाइन आवेदनों में 47,491 छात्रों के ऑनलाइन डेटा को वेरीफाई करके निदेशालय भेजा गया है।
जिले में अनुसूचित जाति, जनजाति, सामान्य वर्ग और पिछड़ी जाति के 58,171 छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। इसमें 33,080 आवेदन सही पाए गए। निदेशालय स्तर पर जांच में 26,091 छात्र-छात्राओं का डेटा संदिग्ध मिला था। हाईस्कूल के रिकॉर्ड के साथ ही आय और जाति प्रमाणपत्र सहित अन्य अभिलेखों में गड़बड़ियां मिली थीं। ऑनलाइन आवेदनों की जांच में नाम, आय, पिछले शैक्षिक रिकॉर्ड, बैंक खाता आदि में गड़बड़ियां पकड़ में आई थीं।
निदेशालय ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को संदिग्ध डेटा की जांच कराकर सत्यापन करने के आदेश दिए थे। जांच में 10,680 ऑनलाइन आवेदन को निरस्त कर दिया गया है। 15,411 छात्रों के संदिग्ध डेटा की खामियों को दूर कराया गया। जिले में सामान्य, अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति के कुल 58,171 ऑनलाइन आवेदनों आए थे। विभाग के स्तर से 47,491 छात्रों के ऑनलाइन डेटा को वेरीफाई करके निदेशालय भेजा गया है। निदेशालय से छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति भेजी जाएगी।
इनसेट
छात्रवृत्ति के लिए पात्र मिले छात्र
जाति पात्र पाए गए छात्र निरस्त हुए आवेदन
अनुसूचित जाति 13311 2608
सामान्य जाति 10408 1270
पिछड़ी जाति 23376 6809
कुल 47491 10680
वर्जन
निदेशालय से सभी जातियों के छात्रवृत्ति से संबंधित मिले संदिग्ध डेटा की जांच पूरी हो गई है। जांच में 10,680 आवेदन निरस्त किए गए हैं। कुल 47491 आवेदनों को वेरीफाई करके निदेशालय को भेजा गया है। छात्रवृत्ति निदेशालय के स्तर से खातों में भेजी जाएगी।
-डॉ. वैभव त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी