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Lucknow News: गांवों में बिछने लगी सहकारिता चुनाव की बिसात

Mon, 13 Mar 2023 05:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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सहकारी बैंक अध्यक्ष की राह आसान करने को धुरंधर भी गांवों में जुटे
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अधिक से अधिक सभापति बनाने का शुरू हुआ गुणाभाग, सरगर्मी बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। ग्रामीण अंचल की राजनीति की प्रारंभिक सीढ़ी किसान सहकारी समितियों को माना जाता है। सहकारिता की राजनीति भी यहां से ही शुरू होती है। किसान सहकारी समिति के चुनाव की घोषणा के बाद गांवों में सरगर्मी बढ़ गई है। सहकारी बैंक तक पहुंचने की आस लगाए विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के धुरंधर भी गांवों में सक्रिय हो गए हैं। सबसे अधिक समितियाें में अपने सभापति, उपसभापति व प्रतिनिधि बनवाने वाले सहकारी बैंक के अध्यक्ष की कुर्सी पर आसानी से पहुंच सकेंगे।
जिले में 165 किसान सेवा सहकारी समितियां हैं। इन समितियों से किसान का सीधा जुड़ाव रहता है। राजनीतिक लोगों के अनुसार इस समितियों के चुनाव से गांवों में राजनीति गोटियां बैठाई जाती हैं। कुछ समिति चुनाव में जाते हैं, तो कुछ को सहकारी बैंक, गन्ना समिति में डेलीगेशन का भरोसा दिया जाता है। जिला स्तर की राजनीति में प्रवेश के लिए इस चुनाव की सीढ़ी चढ़ी जाती है।
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चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने और अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद गांवों में सरगर्मी बढ़ गई है। पहले समिति संचालकों के चुनाव होंगे। इसके बाद सभापति और उप सभापति का चुनाव होता है। ब्लॉकों में सक्रिय विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी अधिक से अधिक सदस्य निर्वाचित कराकर सभापति बनाने के जुगाड़ में जुट गए हैं। हालांकि चुनाव को लेकर गांवों बिसात बिछाने का काम तेज हो गया है। जिले में चुनाव दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि सभी बड़े राजनीतिक दलों का दखल बढ़ गया है।
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