पीजी के इन पाठ्यक्रमों में खाली रह गईं सीटें
पीजी के 43 पाठ्यक्रमों में सीटें खाली रह गई हैं। इन सीटों के लिए सीधे आवेदन मांगे गए हैं और मेरिट के आधार पर प्रवेश लिया जाएगा। खाली रह गए कोर्सेंज में एमए एआईएच एंड आर्कियोलॉजी, एमए आचार्य, एमए अरब कल्चर, एमए अरबी, एमए कंपोजिट हिस्ट्री, एमए डिफेंस स्टडीज, मास्टर्स ऑफ पॉपुलेशन स्टडीज, एमए फ्रेंच, एमए संस्कृत, एमए उर्दू, एमए फिलॉसफी, एमए होम साइंस, एमए लिंग्विस्टिक्स, एमए पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस और एमए ज्योतिष विज्ञान शामिल हैं।
विज्ञान वर्ग में एमएससी एनवायरमेंटल साइंसेज, कंप्यूटर साइंस, डाटा साइंस एंड एनालिटिक्स, एआई एंड मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी एंड साइबर फॉरेंसिक, रिन्यूएबल एनर्जी, मॉलिक्यूलर एंड ह्यूमन जेनेटिक्स, फूड प्रोसेसिंग एंड टेक्नोलॉजी और मैथमैटिक्स जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा एमबीए फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट, मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ, एमए एजुकेशन, एमकॉम एप्लाइड इकोनॉमिक्स और एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में भी सीटें खाली रह गई हैं।
एमए उर्दू के बाद रोजगार के कई अवसर
- स्कूलों में उर्दू शिक्षक के साथ यूजीसी नेट/पीएचडी के बाद कॉलेज व विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का अवसर।
- सरकारी विभागों, न्यायालयों, दूतावासों और निजी संस्थानों में उर्दू अनुवादक के रूप में काम।
- उर्दू समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और डिजिटल मीडिया संस्थानों में रिपोर्टर, संपादक और प्रूफरीडर की भूमिका।
- समाचार उद्घोषक, स्क्रिप्ट राइटर और कंटेंट राइटर के तौर पर अवसर।
- दुभाषिया: विभिन्न संस्थानों और बैठकों में उर्दू-हिंदी/अंग्रेजी भाषा के इंटरप्रेटर के रूप में काम।
- ऑनलाइन कंटेंट राइटिंग, अनुवाद और संपादन के जरिए भी आय का विकल्प।