नहीं मिल रहे कम मूल्य के स्टांप पेपर, स्टॉक करने वाले वेंडर वसूल रहे तिगुने दाम
कलेक्ट्रेट ट्रेजरी को स्टांप पेपर की सप्लाई में तीन माह से कम मूल्य के स्टांप नहीं मिल रहे हैं। इससे भू-संपत्तियों के निबंधन से लेकर शपथ पत्र बनवाने, बैनामा करवाने से लेकर अन्य विधिक कार्य में इस्तेमाल आने वाले 10, 20, 50 के स्टांप का संकट बना है।
इससे जहां जरूरतमंद परेशान हैं, वहीं, मौके का फायदा उठाकर पहले से स्टॉक करने वाले वेंडर इसकी दो से तीन गुना तक कीमत वसूल रहे हैं। लगातार शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
स्टाप व निबंधन विभाग में भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री के काम से जुड़े अधिवक्ता अमित कुमार बताते हैं कि ट्रेजरी से सौ व दो सौ के स्टांप की कमी तो अप्रैल से बनी है।
लेकिन तीन माह से कम मूल्य के स्टांप भी नहीं मिल रहे हैं। इस संबंध में ट्रेजरी के मुख्य कोषाधिकारी एमके तिवारी का कहना है कि स्टांप पेपर की सप्लाई कानपुर कोषागार से होती है।
बताया जा रहा है कि नासिक से ही कम कीमत के स्टांप नहीं मिल रहे हैं। भरोसा दिलाया कि जल्द सप्लाई मिलते ही स्टांप की कमी दूर की जाएगी।