पीडब्ल्यूडी राजमार्ग विंग में हवा में सड़क मंजूर कराने का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है कि एक और बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। तीन अलग-अलग ऐसे राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत और नवीनीकरण के टेंडर आमंत्रित कर लिए गए, जिसके काम स्वीकृत ही नहीं थे।
अब इन मामलों में तत्कालीन दो अधीक्षण अभियंता (एसई) और एक अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को चार्ज शीट देने की तैयारी चल रही है। ये मामले अप्रैल 2017 से फरवरी 2018 के बीच के हैं। पीडब्ल्यूडी के रिकॉर्ड के मुताबिक राष्ट्रीय मार्ग वृत लखनऊ के अंतर्गत फरवरी 2018 में एनएच-727 (कुशीनगर से छपरा) के नवीनीकरण के लिए 14,38,564 रुपये की लागत से निविदा सूचनाएं जारी कराई गईं, जबकि यह काम सक्षम स्तर से स्वीकृत नहीं था।
इस सड़क के किलोमीटर 112- 130.400 और किलोमीटर 152.600-154 के बीच नवीनीकरण का यह कार्य होना बताया गया। इसी तरह से एनएच-29-ई पर पैच वर्क के लिए 6,38,808 रुपये और एनएच 28-बी पर पैच वर्क के लिए 7,67,331 रुपये का विज्ञापन दिया गया। कुल मिलाकर इन गैर अनुमोदित और गैर स्वीकृत कार्यों के विज्ञापन पर 28,44,703 रुपये खर्च किए गए। इस तरह से इंजीनियरों ने सरकारी राजस्व को नुकसान पंहुचाया। इन मामलों में दो पूर्व अधीक्षण अभियंता और एक अधिशासी अभियंता को आरोप पत्र देने की तैयारी चल रही है। दोनों अधीक्षण अभियंता अब सेवानिवृत हो चुके हैं।