एलडीए में अब तक भवनों और प्लाटों की फाइल गायब किए जाने, फर्जी रजिस्ट्री होने और एक की संपत्ति दूसरे के नाम किए जाने के अनेक घोटाले हुए।
मगर अब यहां कार की सीटों पर रखे जाने वाले तौलियों की खरीद में भी भ्रष्टाचार सामने आया है। सालों से यहां सफेद तौलियों के जोड़े चार हजार रुपये में खरीदे जा रहे हैं।
जबकि, इन तौलियों की खरीद सरकारी कोटे से चार सौ रुपये किलो में होती है। एक किलो में कम से कम चार तौलियां चढ़ते हैं। मगर इनकी ऑन रिकार्ड खरीद करीब चार हजार रुपये में हो रही है।
ऐसी ही एक फाइल पर एलडीए के सचिव अष्टभुजा प्रसाद तिवारी ने ध्यान दिया तो वे दंग रह गए और पेमेंट पास करने से मना कर दिया।
उन्होंने इस प्रकरण की जांच करने और पूरे घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। पिछले दिनों एक अचरज भरी पेमेंट फाइल सचिव अष्टभुजा प्रसाद तिवारी के समक्ष पेश की गई।
इसमें कई तौलियों के सेट का पेमेंट मांगा गया था। एक सेट की कीमत लगभग 4000 रुपये दर्ज थी।
फाइल को देख कर सचिव एपी तिवारी दंग रह गए और उन्होंने उल्टा सवाल दागा कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि, एक तौलिया की कीमत जो कार की सीट पर रखी जाती है, वह 2000 रुपये हो।
उन्होंने तौलिया किस कंपनी की है, इस बारे में जानकारी की। इस पर फाइल पेश करने वाले कर्मचारी कोई जवाब नहीं दे सके। तिवारी ने फाइल लौटा दी और इस पूरे प्रकरण की जांच कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश किया।