अनुसूचित जाति (एससी) का कोई छात्र अब शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। 10वीं कक्षा से आगे पढ़ाई नहीं जारी रख पाने वाले 1.36 करोड़ गरीब छात्रों को अगले पांच वर्षो में उच्च शिक्षा प्रणाली के दायरे में लाया जा सकेगा। योजना से प्रदेश के भी कई छात्र इससे लाभ ले सकेंगे। सोमवार को भाजपा महानगर कार्यालय पहुंचे प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने पत्रकारों से बातचीत में इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इसके लिए 59 हजार करोड़ की छात्रवृत्ति की व्यवस्था की है।
उन्होंने बताया कि इस योजना से उन छात्रों को लाभ मिलेगा, जिनकी पढ़ाई 10वीं के बाद आगे नहीं बढ़ सकी। गरीब से गरीब परिवारों के 10वीं कक्षा पास छात्रों को अपनी मर्जी के उच्चतर शिक्षा पाठयक्रमों में नामित करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। योजना सुरक्षा उपायों के साथ ऑनलाइन प्लेटफार्म पर संचालित होगी। ऑनलाइन पोर्टल पर पात्रता, जाति स्थिति, आधार पहचान एवं बैंक खातों के ब्यौरे आदि परखे जाएंगे। योजना में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत राशि खर्च करेगी और शेष राशि राज्य सरकारों द्वारा वहन की जाएगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे आगामी 5 वर्ष की अवधि के भीतर जीईआर (उच्चतर शिक्षा) राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकेगा। उन्होंने प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से चलाई जा रही कई योजनाओं, लाभार्थियों की भी जानकारी दी। इस मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, जिला अध्यक्ष श्रीकृष्ण लोधी, महानगर उपाध्यक्ष टिंकू सोनकर, महानगर महामंत्री राम अवतार कनौजिया आदि मौजूद रहे।