लखनऊ। प्रदेश सरकार ने इस बार बारिश से पहले विकास परियोजनाओं की सौगात देकर आमजन को बड़ी राहत दी है। सरोजनीनगर क्षेत्र की किला मोहम्मदी ड्रेन की रि-मॉडलिंग की 176 करोड़ रुपये लागत की परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इससे जलभराव से जूझने वाली वार्ड की करीब ढाई लाख की आबादी को राहत मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के पास होने में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयास भी सराहनीय हैं।
विधायक ने बताया कि इस योजना से करीब 35 किलोमीटर से अधिक शहरी क्षेत्र को जलभराव से राहत मिलेगी। इससे आशियाना, शारदा नगर, कानपुर रोड सहित 240 से अधिक गली-मोहल्लों को सीधा लाभ मिलेगा।वर्ष 1983 से 1986 के बीच निर्मित किला मोहम्मदी ड्रेन, पकरी पुल के पास से होते हुए सई नदी तक जाती है। करीब 40 वर्ष पुरानी यह ड्रेन अब जर्जर और संकरी हो चुकी है, जिसके कारण जल निकासी बाधित हो रही थी और क्षेत्रवासियों को भारी जलभराव का सामना करना पड़ता था।
अर्बन फ्लड, जल प्लावन नियंत्रण एवं स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज योजना के अंतर्गत इस परियोजना में वीआईपी रोड से इठुरिया पुलिया तक 7.156 किमी नाले का पुनर्निर्माण किया जाएगा। साथ ही 3.415 किमी डायवर्टिंग ड्रेन के साथ कुल 10.571 किमी में आधुनिक आरसीसी ड्रेन का निर्माण विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा। परियोजना के तहत एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास नाले की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी, कच्चे हिस्सों को आरसीसी में परिवर्तित किया जाएगा तथा ड्रेनेज सिस्टम को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़ बनाया जाएगा, जिससे जल प्रवाह की गति भी बढ़ेगी।
विधायक ने कहा कि उन्होंने 23 अगस्त 2022 को सिटी मोंटेसरी स्कूल में आयोजित जल प्रबंधन विचार गोष्ठी में ही सरोजनीनगर को जलभराव से मुक्त करने का संकल्प लिया था। क्षेत्रवासियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इस परियोजना को प्राथमिकता दी और लगातार अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए स्वयं इसकी मॉनिटरिंग की। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कई बार व्यक्तिगत रूप से मिलकर और नियमित फॉलो-अप कर इस परियोजना को स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।