उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और साहित्यकार डॉ. रमा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और साहित्यकार डॉ. रमाकांत श्रीवास्तव की 104वीं जयंती पर साहित्यकारों को सम्मानित किया गया और तीन पुस्तकों का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर सुषमा श्रीवास्तव (जीवन समग्र उपलब्धि) पर अति विशिष्ट सम्मान से नवाजा गया। बाल साहित्यकार डॉ. करुणा पांडेय को रुक्मिणी देवी स्मृति सम्मान, डॉ. रुचि श्रीवास्तव को श्याम सुंदरी स्मृति सम्मान, डॉ. अर्चना प्रकाश को सीमा सक्सेना ''वर्णिका'' सम्मान, विजय वीर सहाय को पत्रकारिता गौरव सम्मान और डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी को हिंदी गौरव सम्मान से नवाजा गया। लोकार्पित होने वाली पुस्तकों में डॉ. अमिता दुबे की दो कृतियां तपोनिष्ठ सर्जक : डॉ. रमाकान्त श्रीवास्तव, शब्द शिल्पी : डॉ. विद्या विंदु सिंह और डॉ. श्रीकांत शुक्ल की कृति वर्डसवर्थ और पंत के काव्य में मानवतावाद प्रमुख रहीं। इन पुस्तकों की सारगर्भित समीक्षा क्रमशः रश्मि शील, अलका प्रमोद व विनय श्रीवास्तव ने की। मंच पर कृषि वैज्ञानिक एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामकठिन सिंह, मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह और डॉ. मिथिलेश दीक्षित, विनय श्रीवास्तव मौजूद रहे। डॉ. अमिता दुबे ने संचालन किया।