वो बिंदास थी। अच्छी सिंगर होने के साथ ही बेहतरीन डांस करती थी। स्कूल से लेकर कॉलेज तक कॉम्पटिशन में उसका कोई सानी नहीं था। एक बार जो ठान लिया फिर किसी की नहीं सुनती थी।
उसने अपने वजूद से कभी भी समझौता नहीं किया और अपने अधिकारों के लिए भिड़ जाती थी। लॉ की पढ़ाई करके वह पीसीएस जे की परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी। सारा के बारे में यह बताते-बताते बड़ी बहन नीति की आंखें नम हो गई और गला रुंध गया। बोली-अमनमणि जबसे लाइफ में आया सारा मिस्ट्री बन गई थी।
सारा की बहन नीति ने आगे बताया कि अमनमणि त्रिपाठी बेहद शक्की किस्म का था। अमनमणि ने सारा के फेसबुक अकाउंट तक अपने कब्जे में कर लिया था। यहां तक कि उसकी मां,बहनें और भाई तक उसके फेसबुक अकाउंट से नहीं जुड़े थे।
सारा ने नीति को बताया था कि अमन ही उसके फेसबुक अकाउंट को चलाता है और मोबाइल तक रोज चेक करता था। वाट्सएप पर मैसेज के बारे में पूछताछ करता था। अमन को शक था कि सारा उसके बारे में किसी को कुछ बता तो नहीं रही।
फोन करके करता था क्रॉस चेक
अमनमणि त्रिपाठी को शक था कि सारा किसी और लड़के के संपर्क में है। इसी वजह से सारा से मिलने के बाद सबसे पहले उसके दोनों मोबाइल फोन की कॉल डिटेल चेक करता था। नीति ने बताया कि ऐसे ही एक बार मुंबई में उनके पास अजनबी नंबर से फोन आया। उसने नाम-पता पूछा,लेकिन अपने बारे में कुछ नहीं बताया। ट्रू कॉलर के जरिये उन्हें पता चला कि अमन मणि का फोन था।
अमनमणि त्रिपाठी आपराधिक मानसिकता का शिकार है। सारा के दोस्तों को भी पता चल चुका था कि उन्होंने अगर सारा को फोन किया तो अमन उन्हें छोड़ेगा नहीं। सारा के कई दोस्तों को अमन ने पीटा भी।
मुंबई में भी सारा को नहीं रहने दिया स्वतंत्र
नीति ने बताया कि सारा एक बार घूमने फिरने के लिये मुंबई में उसके पास गई थी। वहां भी अमन ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। हर दस मिनट पर उसे फोन करता था। कई बार दोनों के बीच घंटों तक बात होती रहती थी।
गलती से भी अगर सारा का फोन एंगेज हो जाए तो अमन उसे डांटने लगता था। इसके बाद काफी देर तक सारा को उसे सफाई देनी पड़ती थी। इस दौरान भी सारा ने उससे कई ऐसी बातों का जिक्र किया,जो काफी चौंकाने वाले थे। हालांकि सारा हमेशा ही इस लड़ाई को अकेले लड़ना चाहती थी।
फ्रेंड की बर्थडे पार्टी में मिला था अमनमणि
नीति ने बताया कि 2013 में फ्रेंड की बर्थडे पार्टी में सारा की मुलाकात अमनमणि से हुई थी। इसके बाद से वह सारा के पीछे ही पड़ गया। जब तक सारा को अमन के बारे में पूरी तरह से पता चला तब तक देर हो चुकी थी। स्थिति यह आ गई कि वह अकेले किसी दोस्त से भी नहीं मिल सकती थी।
नीति ने बताया कि मां ने सारा को अमन से मिलने से मना कर दिया था। शादी से लगभग एक सप्ताह पहले अमन अचानक घर में घुस आया था। इसके बाद वह सारा को साथ ले जाने की जिद करने लगा।
मां ने मना कर दिया और अमन से कहा था क्या वह सारा का पति है जो उसे साथ भेज दे। इससे नाराज होकर अमनमणि ने दोस्तों के साथ मिलकर घर के सामने ही ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसके बाद अमन ने सारा से कहा कि अगर वह शादी नहीं करेगी तो वह पूरे परिवार को गोली मार देगा।
27 जुलाई को अमन ने सारा को बुलाया और कार में बैठाकर उसे जबरदस्ती अलीगंज के आर्य समाज मंदिर में ले गया। वहां सभी शादियां रोककर अमन-सारा की शादी हुई। एक सप्ताह के बाद अचानक अमन सारा के घर पहुंचा और उसे साथ ले जाने की बात कही। मां ने रोका तो अमन ने वह फोटो दिखाई,जो शादी के दौरान खींची गई थीं।
अब तक सामने नहीं आए सारा के दोस्त
सारा की मौत के बाद घर पर मीडियाकर्मियों का जमावड़ा है, लेकिन अब तक सारा की कोई दोस्त परिवारवालों से हालचाल लेने नहीं पहुंचा। नीति ने बताया कि सारा हमेशा अपनी सहेली टीना के बारे में जिक्र किया करती थी।
जिन सहेलियों के पास जाने की बात कहकर वह घर से निकलती थी,उनमें से एक से भी परिवारवालों का संपर्क नहीं हो सका। नीति ने बताया कि उसके दोनों मोबाइल फोन भी इसी वजह से अमन ने गायब कर दिए।
नीति ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उसकी निजी जिंदगी के कई पहलू उजागर किए। नीति ने बताया कि सारा हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। लॉरेटो स्कूल से अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज और लखनऊ यूनिवर्सिटी या फिर घर, गलत बात पर वो सबसे भिड़ जाती थी,लेकिन दो साल में सारा कहीं खो गई। खामोश रहने लगी थी।
कमरे से बाहर निकलना भी बहुत कम होता था। मूवी,शॉपिंग और दोस्तों के साथ मौज-मस्ती भी खत्म हो गई। कुछ पूछो तो जवाब नहीं देती थी। जिम भी जाना बंद कर दिया था। उसने कहा कि अमनमणि को सिर्फ सारा ही अच्छी तरह से जानती थी। उसे यह अहसास होने लगा था कि अगर वह अमनमणि के साथ नहीं गई तो वह घरवालों को नुकसान पहुंचा देगा। यही वजह थी कि सारा ने अमनमणि से शादी की।