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Jeeva Murder: एक और नया खुलासा, शूटर विजय को हत्या के बाद मिलनी थी सुपारी की रकम, अब असलम से संपर्क टूटा

Sat, 17 Jun 2023 08:54 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

जीवा हत्याकांड में एक और नया खुलासा हुआ है। शूटर विजय को हत्या के बाद सुपारी की रकम मिलनी थी। विजय की गिरफ्तारी के बाद से असलम से संपर्क नहीं रहा। विजय साजिशकर्ता के नाम पर पुलिस को उलझाता रहा। 
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Sanjeev Murder Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोर्ट परिसर में संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा की गोली मारकर हत्या करने वाले शूटर विजय यादव उर्फ आनंद यादव रिमांड के दूसरे दिन शुक्रवार को भी पुलिस को उलझाता रहा। हालांकि, कुछ सवालों के जवाब जरूर दिए। बताया कि सुपारी की रकम 20 लाख रुपये वारदात के बाद देने का वादा असलम ने किया था। लेकिन, गिरफ्तार होने के साथ ही उससे संपर्क टूट गया। 
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उधर, साजिशकर्ता का नाम दूसरे दिन भी पुलिस नहीं उगलवा सकी। शूटर विजय को शुक्रवार को चौक थाने में रखा गया। पूछताछ करने के लिए विवेचक मनोज मिश्रा, एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा पूरे दिन मौजूद थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी ने भी उससे पूछताछ की। 

पुलिस ने विजय यादव से पहला सवाल सुपारी के बारे में पूछा। विजय ने बताया कि असलम ने 20 लाख में जीवा की हत्या की सुपारी दी थी, लेकिन हत्या के बाद वह पकड़ लिया गया तो असलम से संपर्क ही नहीं रहा।
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शूटर विजय यादव को कुछ देर के लिए पहले पुलिस लाइन ले जाया गया, फिर उसे चौक कोतवाली में काफी देर तक रखा गया। यहां विवेचक और एडीसीपी व एसीपी ने पूछताछ की। साजिशकर्ता कौन है? इस सवाल पर विजय दूसरे दिन भी चुप्पी साधे रहा।
 

एसआईटी जांच के लिए सात दिन का और समय मिला
कोर्ट रूम में हुई गैंगस्टर संजीव उर्फ जीवा की सनसनीखेज हत्या के मामले में गठित एसआईटी को जांच के लिए सात दिन का और समय दिया गया है। पहले एसआईटी को सात दिनों के अंदर जांच पूरी कर शासन को सौंपनी थी, पर तय समय में जांच पूरी न होने के चलते समय अवधि बढ़ा दी गई है।

 

एसआईटी टीम के सदस्य जेसीपी क्राइम नीलाब्जा चौधरी के अनुसार, शासन ने जांच के लिए सात दिन का और समय दिया है। अब 22 जून तक एसआईटी को अपनी जांच पूरी तरह शासन को उसकी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

एसआईटी में एडीजी टेक्निकल मोहित अग्रवाल और आईजी रेंज प्रवीण कुमार भी सदस्य हैं। तीनों अधिकारियों ने अब तक कई अहम बिंदुओं पर जांच पूरी कर ली है, पर अभी कई ऐसे पहलू बाकी हैं, जिन पर जांच होनी बाकी है।
 
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सूत्रों की मानें तो एसआईटी इस हत्याकांड में सुरक्षा के लिहाज से बरती गई चूक पर जांच कर रही है। जेल से बंदी को लाने से लेकर कोर्ट में उसकी पेशी और कोर्ट परिसर की सुरक्षा इस तरह के कई बिंदुओं पर एसआईटी की जांच निर्धारित है। एसआईटी की जांच बृहस्पतिवार तक पूरी किए जाने की उम्मीद है।
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