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संजय गांधी PGI का 19 वां दीक्षांत समारोह आज

Tue, 23 Sep 2014 03:42 AM IST
अमित यादव/अमर उजाला, लखनऊ
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संजय गांधी पीजीआई का 19वां दीक्षांत समारोह 23 सितंबर को होगा। इस मौके पर कुलाध्यक्ष राज्यपाल राम नाईक 110 विशेषज्ञ चिकित्सकों को डिग्री देंगे। चिकित्सा स्वास्थ मंत्री अहमद हसन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
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मुख्य सचिव व संस्थान अध्यक्ष आलोक रंजन भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इस बार संस्थान में पहली बार एमडी और एमसीएच करने वाले चिकित्सकों के लिए वर्तमान निदेशक प्रो. आरके शर्मा के नाम से अवॉर्ड शुरू किया जा रहा है।

डीन प्रो. आरएन मिश्रा ने बताया कि समारोह शाम चार बजे से छह बजे तक होगा।

उन्होंने बताया कि पहली बार प्रो. आरके शर्मा अवॉर्ड भी दिया जा रहा है।

ये अवॉर्ड एक डीएम व एक एमसीएच छात्र, क्लीनिकल इम्यूनोलोजी में डीएम करने वाले डॉ. ज्योतिरंजन परीदा और न्यूरोसर्जरी से एमसीएच करने वाली डॉ. श्रद्धा जयेश चुनीभाई को दिया जाएगा।
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जनमानस के हितार्थ विशिष्ट शोध करने वाले न्यूरोलोजी विभाग के हेड प्रो. यूके मिश्रा को प्रो. एसआर नाईक अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

माइक्रोबायोलोजी विभाग से पीएचडी करने वाले डॉ. हरजीत सिंह मान को प्रो. एसएस अग्रवाल अवॉर्ड रिसर्च ऑफ एक्सीलेंस दिया जाएगा।

निदेशक  प्रो. आरके शर्मा ने बताया कि संस्थान अपना 25 वां स्थापना वर्ष मना रहा है।

संस्थान के 25 वर्ष के सफर को एक किताब में फोटो के साथ संकलित किया गया है।

इस कॉफी टेबिल बुक में एसजीजीआई के इतिहास, स्थापना के उद्देश्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी दी गई है।

एसजीपीजीआई का लेवल वन ट्रॉमा सेंटर छह माह के अंदर शुरू कर दिया जाएगा। 79 करोड़ की लागत से बना भवन बन कर तैयार है। शासन ने 50 चिकित्सक की नियुक्ति को लगभग हरी झंडी दे दी है।

पीजीआई ने 140 चिकित्सक मांगे थे। 100 टेक्निकल स्टाफ और 600 नर्स की मांग की गई है।

पद की स्वीकृति मिलते ही 800 लोगों को रोजगार के साथ ही मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी ट्रामा मनेजमेंट की सुविधा मिलने लगेगी।

ट्रामा के मरीजों को सही समय पर इलाज देने के लिए केंद्र सरकार से एक एक अत्याधुनिक एंबुलेंस दी गई है, जिसमें डीपफीजर, वेंटीलेटर, स्पाइनल इंजरी, ईसीजी व कार्डियक के मरीजों की लाइफ सेविंग के लिए जरूरी उपकरण होंगे।

ट्रामा सेंटर में बेहतर चिकित्सा के साथ ही टीचिंग, ट्रेनिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें एक ही छत के नीचे सभी तरह की इंजरी का इलाज किया जाएगा।
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