मुस्लिमों के दिल से मोदी का डर निकालने के लिए संघ पुरजोर कोशिश कर रहा है, वहीं उसे राष्ट्रीय मुस्लिम मंच का भी साथ मिल रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुसलमानों के मन से मोदी का भय निकालने में जुटा हुआ है। इसके लिए संघ के सहयोगी संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की तरफ से पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है।
इसके माध्यम से लोगों को समझाने की कोशिश की जा रही है कि कुछ तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल मुसलमानों के सामने भाजपा व मोदी का हौवा खड़ा करके उनका वोट हासिल करना चाहते हैं।
इस तरह के दो कार्यक्रम बुधवार को लखनऊ में भी आयोजित किए गए।
कथित धर्मनिरपेक्षों से बचें मुस्लिम
इनमें मंच के संरक्षक और संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करके मोदी और भाजपा का हौवा खड़ा कर रहे हैं।
मुसलमानों को इन दलों के हथकंडों में नहीं फंसना चाहिए। मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक महिरध्वज सिंह ने बताया कि गुरुवार को वाराणसी में मुसलमानों का सम्मेलन होगा।
इसके बाद 26 अप्रैल को कानपुर में भी ऐसा ही कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जल्द ही इलाहाबाद, सुल्तानपुर और अमेठी में भी मुस्लिम सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
गौरतलब है कि कांग्रेस और अन्य भाजपा विरोधी दलों ने मोदी को एक सांप्रदायिक नेता के रूप में पेश करने की पुरजोर कोशिश की है। जिससे कि मुस्लिम वोट बैंक हासिल किया जा सके।
पार्टी ने भी सुरक्षा की बात की
इस संबंध में अभी हाल ही में भाजपा में शामिल होने वाले पत्रकार एम जे अकबर ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और हितों को लेकर प्रतिबद्ध होगी।
उन्होंने बताया कि भाजपा ने अपने मैनिफेस्टो में पेज नंबर 17 पर इसके लिए इंतजाम कर दिया है। वक्फ के नाम पर हो रही लूट पर भी भाजपा का नजरिया साफ है।
एमजे अकबर ने कहा कि पिछले 10 साल से केंद्र में यूपीए सरकार है। इन 10 सालों में हुए भ्रष्टाचार के कारण देश बर्बाद हुआ। वहीं इसी अवधि में गुजरात में नरेंद्र मोदी ने विकास करके दिखाया।
यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि वहां पिछले 10 साल में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ। यूपीए सरकार और सोनिया गांधी 10 साल तक गुजरात की स्क्रूटिनी करती रहीं।
कांग्रेस के पास सिर्फ यही
भाजपा सदस्य एम जे अकबर ने ये भी कहा कि पुलिस, सीबीआई, एनजीओ, मीडिया सभी को इस काम के लिए लगाया गया, लेकिन फिर भी कुछ नहीं मिला। कांग्रेस के पास अब एक ही बात रह गई है।
10 साल पुराना गुजरात में हुआ एक दिन का दंगा। असम, यूपी, पंजाब में हुए दंगों में उनकी कोई उत्सुकता नहीं है। बस गुजरात ही उनके लिए बचा है।
क्या कोई मुख्यमंत्री अपने राज्य में ऐसा चाहेगा? सुप्रीम कोर्ट ने भी मोदी को सही माना। अब मैं कहता हूं कि मोदी पर अंगुली उठाने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि अगर भाजपा मुस्लिम वोट इकट्ठा करने में कामयाब हो जाए तो इसमें हैरानी नहीं होगी।