ऑनलाइन बालू, मोरंग और गिट्टी की बिक्री करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य होगा। इससे न केवल सरकार का राजस्व बढ़ेगा बल्कि बालू, मोरंग की कमी से बिगड़ा माहौल भी ठीक होगा। गौरतलब है कि बीते डेढ़ वर्ष से बालू-मोरंग की कमी, बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। सत्तारूढ़ दल के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जनता की समस्या पर सरकार को आगाह किया है।
भंडारण केंद्रों पर रहेगी नजर
विभाग ने सभी जिलों में बालू-मोरंग के भंडारण केंद्रों पर नजर रखने की भी योजना बनाई है। सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ कंट्रोल रूम के जरिए वहां होने भंडारण और बिक्री पर नजर रखी जाएगी।
इनका कहना है
बालू-मोरंग की खदानों का ब्योरा वेबसाइट पर सार्वजनिक किया है। अब इनकी बिक्री भी ऑनलाइन करने जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित कीमत पर आसानी से निर्माण सामग्री उपलब्ध हो।
डॉ. रोशन जैकब, निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग