लखनऊ, फैजाबाद और वाराणसी कचहरी में हुए सीरियल ब्लास्ट के आरोप में एटीएस व एसटीएफ ने खालिद मुजाहिद व तारिक कासमी को गिरफ्तार कर दोनों के कब्जे से जिलेटिन की नौ रॉड, तीन स्टील बजर और डेटोनेटर बरामद किए थे। बाराबंकी कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था।
पुलिस ने तीन माह में ही कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। जांच में तारिक कासमी को यूपी का हूजी चीफ और खालिद मुजाहिद को यूपी के खौजी दस्ते का कमांडर बताया गया। इन पर मुकदमे की वापसी के लिए अक्तूबर 2012 में शासन ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। इसी के तहत मुकदमा वापसी की कार्यवाही अदालती अंजाम तक पहुंची।