भले ही भाटी का दावा थोड़ा बड़ा लग रहा हो, लेकिन इंडिया गठबंधन के सूत्र भी मानते हैं कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव हरियाणा में प्रचार करने गए होते तो यादव मतदाता एकतरफा तौर पर भाजपा के साथ न गए होते।
इससे यादव मतदाताओं के प्रभाव वाले 7 जिलों की 10-12 सीटों पर कांग्रेस को इसका फायदा मिला होता। हरियाणा के परिणाम आने के बाद अखिलेश यादव कह चुके हैं कि इंडिया गठबंधन बरकरार रहेगा और इसे बनाए रखने की जिम्मेदारी समाजवादी उठाएंगे।
इससे संकेत मिल रहे हैं कि उपचुनाव में कांग्रेस को 1-2 सीटें मिल सकती हैं। यहां बता दें कि यूपी में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इनमें से छह सीटों पर सपा अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। शेष चार सीटों में कांग्रेस को हिस्सेदारी मिलने की संभावना है।