2017 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में लंबे समय तक मुलायम परिवार का विवाद सुर्खियों में रहा था। स्थिति यह रही कि मुलायम सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष व शिवपाल को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के फैसले हुए। इससे पहले मुलायम सिंह ने रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासित किया। बाद में उनकी पार्टी में वापसी हो गई थी। 2017 में प्रदेश की सत्ता छिनने के बाद परिवार की एका की कोशिशें शुरू हुईं।
अब परिवार का विवाद मुखर तो नहीं है लेकिन अभी भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं है। शनिवार को इस पर भी नजरें रहेंगी कि मुलायम सिंह यादव राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आएंगे या नहीं। वह निवर्तमान अध्यक्ष और सांसद होने के नाते राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदेन सदस्य हैं। शिवपाल सिंह यादव राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नहीं हैं। देखना है कि पार्टी उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में कार्यकारिणी में बुलाएगी या नहीं। हालांकि शुक्रवार शाम तक शिवपाल इटावा में थे। उन्हें कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचने के लिए निमंत्रण नहीं मिला था।