लगता है सपा ने खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को क्लीन चिट दे दी है। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने इशारों ही इशारों में गायत्री के खिलाफ चल रही जांच पर अंगुली उठाई। यह भी बताया कि वे कैसे आरोपों से मुक्त हो सकते हैं।
रामगोपाल ने कहा, कई बार अपने ही लोग मंत्रियों के खिलाफ शिकायत करने लगते हैं। जिन लोगों का काम नहीं हो पाता, कई बार वे भी मंत्रियों की नाजायज शिकायतें करने लगते हैं। उन्होंने गायत्री के खिलाफ लोकायुक्त जांच पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कैसे शिकायत होती है और कैसे दूर होती है, सब जानते हैं। सपा सरकार की उपलब्धियां दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण हैं। उन्होंने पार्टी में गुटबंदी करने वालों को चेताया। कहा, किसी भी स्तर पर गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा, 2017 का चुनाव जीतने के लिए बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती जरूरी है। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, वरिष्ठ मंत्री अहमद हसन, अवधेश प्रसाद, राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश सचिव एसआरएस यादव आदि भी मौजूद रहे।
भाजपा सरकार बालू की दीवार की तरह
मुलायम सिंह यादव ने पार्टी पदाधिकारियों को भाजपा की फरेबी राजनीति से सावधान करते हुए कहा कि जनता के बीच भाजपा के झूठे वादों की कलई खुलने लगी है। लोग महसूस कर रहे हैं कि उन्हें ठगा गया हैं।
बैठक के प्रारंभ में राजनीतिक-आर्थिक प्रस्ताव पेश करते हुए सपा के प्रदेश महामंत्री अरविंद सिंह गोप ने कहा, लोकलुभावन और झूठे वादों पर मतदाताओं को भ्रमित करके बनी केंद्र सरकार बालू की दीवार की तरह खड़ी है।
यह अधिक दिन टिकने वाली नहीं है। भाजपा ने अब तक एक भी वादा पूरा नहीं किया है। वह अपने सांप्रदायिक एजेंडे से देश की छवि धूमिल कर रही है। गणतंत्र दिवस के विज्ञापन में धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद शब्द को हटाकर सेक्यूलर ताकतों के लिए संकट की घड़ी का संकेत किया गया है।
यूपी जैसे बड़े राज्य के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। नरेश उत्तम, मंत्री अहमद हसन, अंबिका चौधरी, अरिदमन सिंह, गायत्री प्रसाद प्रजापति, नारद राय और महाराष्ट्र सपा के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने इसका समर्थन किया।