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सपा ने कांग्रेस को परोस दी राज्यसभा की सीट

Wed, 11 Dec 2013 12:30 PM IST
राजेंद्र सिंह/लखनऊ
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चार राज्यों में कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद जहां यूपीए के घटक दल ही उससे दूरियां बनाने लगे हैं, वहीं प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने यहां राज्यसभा की एक सीट कांग्रेस को परोस दी है।
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कांग्रेस के नौ बार के लगातार विधायक प्रमोद तिवारी इस सीट से राज्यसभा में जाएंगे।

यूपी विधानसभा में कांग्रेस की हैसियत राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार उतारने की नहीं है। लेकिन सपा ने अपना प्रत्याशी न उतारकर तिवारी के निर्विरोध जीतने की राह आसान कर दी।

सपा का संख्या बल इतना है कि दोनों खाली सीटों पर उसका कब्जा माना जा रहा था। मंगलवार को नामांकन भरने का समय खत्म होने से पहले तिवारी ने परचा दाखिल कर दिया।
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राज्यसभा की दो सीटों पर वरिष्ठ सपा नेता मोहन सिंह के निधन और कांग्रेस नेता रशीद मसूद को अग्योग्य ठहराए जाने के बाद उप चुनाव हो रहा है।

मोहन सिंह की जगह उनकी बेटी कनक लता सिंह को प्रत्याशी बनाने की घोषणा सपा ने तीन दिन पहले कर दी थी लेकिन दूसरी सीट पर सस्पेंस बनाए रखा।

सपा ने प्रमोद तिवारी को राज्यसभा भेजने का मन तो बना लिया था लेकिन पत्ते मंगलवार को आखिरी वक्त पर खोले। शायद इसलिए कि उनका नाम सामने आने के बाद और कोई और नामांकन पत्र दाखिल न हो जाए।

प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप कुमार पांडेय के सामने दो सेट में नामांकन पत्र दाखिल किए तो सपा-कांग्रेस के बीच बनी सहमति का खुलासा हुआ।

उनके साथ कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी समेत कई कांग्रेसी विधायक थे। उनके प्रस्तावक भी कांग्रेस के ही दस विधायक हैं।

राजनीतिक शिष्टाचार या दूर की सोच
सपा के 223 विधायक हैं, इसलिए संख्या बल के आधार पर उसके दोनों प्रत्याशियों का जीतना तय माना माना जा रहा था। यही वजह है कि 80 विधायक होने के बावजूद बसपा ने प्रत्याशी उतारने पर विचार ही नहीं किया।

ऐसे में 28 विधायकों के भरोसे राज्यसभा पहुंचने की बात सोचना कांग्रेस के लिए समझ से परे था। प्रमोद तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर सपा-कांग्रेस खेमे में अटकलों का दौर जारी है।

हालांकि कांग्रेस नेता इसे राजनीतिक शिष्टाचार बता रहे हैं लेकिन इसके पीछे दोनों दलों के बीच बनी सहमति को लोकसभा चुनाव को लेकर दूरगामी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सपा और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर नई सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है।
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