नगर निगम प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति जांचने के लिए शुक्रवार को सभी 110 वार्डों में एक साथ छापा मारा। इस दौरान 1800 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इनमें स्थायी, संविदा और कार्यदायी संस्था के कर्मचारी शामिल हैं।
गैरहाजिर स्थायी कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा, वहीं संस्था के कर्मचारियों को हटाया जाएगा। नगर निगम में स्थायी, संविदा और कार्यदायी को मिलाकर करीब 9000 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इनमें आधे ही काम करते हैं, जबकि आधे घर बैठे वेतन लेते हैं।
स्मार्ट घड़ी व्यवस्था लागू करने के बाद भी यही सच सामने आया है। घड़ी अभी संस्था कर्मचारियों को ही जोन आठ में पहनाई जा रही है। इसमें 50 प्रतिशत कर्मचारी ही काम पर आ रहे हैं। यही हाल संविदा और नियमित कर्मचारियों का भी है। नियमित और संविदा कर्मचारी अभी घड़ी नहीं पहनते हैं।
ऐसे में उनकी ऑनलाइन सूचना नहीं आ रही है। इसके कारण उनकी पोल अभी नहीं खुल पा रही है। इसीलिए शुक्रवार को नगर निगम प्रशासन ने एक साथ एक समय पर सभी 110 वार्डों में सफाईकर्मियों की उपस्थिति जांचने के लिए छापामारी की। इसमें 20 प्रतिशत कर्मचारी गैरहाजिर मिले।
कई जगह फर्जी कर्मचारी पहुंचे
हाजिरी जांचने के लिए औचक निरीक्षण करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि कुछ कार्यदायी संस्था वाले अखबार में खबर छप जाने से पहले ही सतर्क हो गए थे। ऐसे में वह अपनी खामी छिपाने के लिए फर्जी कर्मचारी लेकर पहुंच गए। संस्था वालों ने उनको क्या नाम बताना है, यह तो बता दिया था, लेकिन पिता का क्या नाम बताना है यह नहीं बताया। रजिस्टर में दर्ज नाम से के आधार पर वह अपना नाम तो बता गए, लेकिन पिता का नाम नहीं बता पाए। इससे उनकी पोल खुल गई।
हटाए जाएंगे गैरहाजिर संस्था कर्मचारी
नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि जो कर्मचारी गैरहाजिर मिले हैं उन सबके खिलाफ कार्रवाई होगी। जो स्थायी कर्मचारी हैं उनका एक दिन का वेतन काटा जाएगा और नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारियों को हटाया जाएगा।