लखनऊ। गृहकर की कम वसूली पर नगर निगम ने 22 कर निरीक्षकों का अक्तूबर का वेतन रोक दिया है। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू होने के बावजूद वसूली में अपेक्षित सुधार न होने पर यह कार्रवाई की गई है। नगर आयुक्त के निर्देश पर अपर नगर आयुक्त ने वेतन रोकने का आदेश जारी किया है।
करीब एक सप्ताह पहले मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय ने लापरवाही बरतने वाले कर निरीक्षकों को नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी वसूली में सुधार नहीं हुआ तो उन्होंने 22 निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट नगर आयुक्त को भेजी। इसके आधार पर वेतन रोकने का निर्णय लिया गया।
कार्रवाई की जद में आए निरीक्षकों में कामेश्वर प्रसाद चौधरी, नमिता सिंह, रोहित सैनी, शुभम यादव, विशाल श्रीवास्तव, अंकिता सक्सेना, राजेश कुमार पांडेय, धीरेंद्र प्रताप सिंह, पीयूष तिवारी, रुचि यादव, अश्वनी कुमार पांडेय, धर्मदेव, रेनू यादव, संगीता गुप्ता, हरिशंकर पांडेय, कंचन सक्सेना, नूपुर यादव, पल्लवी अस्थाना, सौरभ पांडेय, अनुज गौड़, हर्षेंद्र प्रताप सिंह और अंदलीब जेहरा के नाम शामिल हैं।