श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. राम विलास दास वेदांती को टिकट न मिलने से नाराज संतों-धर्माचार्यों ने कड़ा रुख अपनाया है।
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सर्वसम्मति से ऐलान किया गया है कि दो दिन में वेदांती को फैजाबाद से टिकट न मिला तो उन्हें चुनाव लड़ाया जाएगा।
वेदांती ने कहा कि भाजपा को समझ आ जाए, इसके लिए मंगलवार को संतों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर शीर्ष नेतृत्व से वार्ता करेगा।
फिर भी सकारात्मक परिणाम नहीं आए तो वे हिंदू महासभा व शिवसेना से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने लल्लू सिंह को कमजोर प्रत्याशी ठहराया।
हर हाल में चुनाव लड़ेंगे संत वेदांती
महंतों ने सोमवार को नयाघाट स्थित श्रीराम वैदेही (खड़ेश्वरी) मंदिर में बैठक कर श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व सांसद डॉ. राम विलास दास वेदांती को लोकसभा चुनाव हर स्थिति में लड़ाने की घोषणा की।
कहा कि मंदिर आंदोलन से जुड़े अच्छे व्यक्ति व सुपरिचित रामभक्त को टिकट दें जिसे हम सभी जिताकर अयोध्या की गौरवमयी परंपरा की रक्षा कर सकें।
संतों ने कहा कि यदि पार्टी ने दो दिन में निर्णय नहीं लिया गया तो संत डॉ. वेदांती को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लेंगे।
वहीं डॉ. वेदांती ने बैठक व पत्रकारों से वार्ता के दौरान फैजाबाद से चुनाव मैदान में उतरने का फैसला सुनाते हुए हिंदू महासभा व शिवसेना से लड़ने की बात कही है।
फैजाबाद जीतकर ही मोदी बनेंगे पीएम
वेदांती ने कहा कि सभी रामभक्त चाहते हैं कि फैजाबाद की लोकसभा सीट जीतेगी तभी नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे।
संतों ने कहा कि यदि फैजाबाद-अयोध्या लोकसभा की सीट हार जाएंगे तो लोग यही कहेंगे कि जब भाजपा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी में ही पराजित हो गई तो मोदी प्रधानमंत्री कैसे बन सकते हैं।
संतों ने कहा कि मंदिर आंदोलन से जुड़े अच्छे व्यक्ति व सुपरिचित रामभक्त को टिकट दे, जिसे हम सभी विजयी बनाकर अयोध्या की गौरवमयी परंपरा की रक्षा कर सकें।
राजनाथ ने जाति के नाम पर दिया टिकट
संतों ने कहा कि डॉ. राम विलास दास वेदांती ने रामानंद संप्रदाय को हमेशा आगे बढ़ाया है।
वेदांती जी के साथ हम सभी कंधे से कंधा मिलाकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए अग्रसर हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जाति के नाम पर टिकट दिया है। संतों ने कहा कि जब सभी अपनी जाति के साथ हैं तो कंठीमाला वाले संत भी अपनी जाति के साथ रहेंगे।
हम संत भीख मांग कर वेदांती को लड़ाएंगे। डॉ. वेदांती ने कहा कि वह फैजाबाद लोकसभा सीट से ही अयोध्या-फैजाबाद के सदस्य के रूप में लड़ेंगे।
दो दिन बाद संत समाज की बैठक में इसकी घोषणा की जाएगी। कहा कि हिंदू महासभा या शिवसेना से लड़ सकता हूं।
बोले, रामलला का मंदिर तभी बनेगा, जब साधु चुनाव जीतेगा। हालांकि, काफी दिनों से नाराज चल रहे वेदांती ने पहले भी राजनाथ और अमित शाह को खूब बुरा-भला कहा था।
उन्होंने तो राजनाथ के खिलाफ लखनऊ लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ने का एलान कर दिया था। देखना यह है कि भाजपा झुकती है या फिर जसवंत जैसा हाला वेदांती का भी होता है।