लखनऊ। संत रविदास की जयंती पर बुधवार को पसमांदा मुस्लिम समाज ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान संत रविदास के विचारों और उनके संघर्ष याद किए गए।
लालबाग स्थित कार्यालय पर आयोजित जयंती समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने कहा कि संत रविदास ऐसे युग में पैदा हुए, जब समाज जातिवाद, छुआछूत और भेदभाव से जकड़ा हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना किया लेकिन कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। संत रविदास समाज के शोषित, वंचित और पसमांदा वर्ग के सबसे बड़े समर्थक थे।
अनीस मंसूरी ने सरकार से संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। कहा कि सरकार को चाहिए कि वह शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में पसमांदा समाज के लिए विशेष योजनाएं लागू करे।
इस मौके पर संगठन के कोषाध्यक्ष हाजी नसीम अहमद, संगठन मंत्री एजाज अहमद राईन, मौलाना इलियास मंसूरी, लीगल एडवाइजर एजाज अहमद एडवोकेट, कारी शफीक आलम कादरी ने विचार रखे।