प्रदेश की सरकारी इमारतों और बसों के भगवाकरण के बाद लखनऊ का हज हाउस भी भगवा रंग में पुत गया। हरे और सफेद रंग की हज हाउस की दीवारें शुक्रवार को केसरिया रंग में नजर आईं।
गौरतलब है कि योगी सरकार में भगवाकरण का यह अभियान सरकारी बसों को केसरियां रंग में रंगने से शुरू हुआ था। इसके बाद सफेद रंग में नजर आने वाला सीएम ऑफिस भी अक्तूबर 2017 में केसरिया रंग में रंग दिया गया था।
योगी सरकारी के आने के बाद से प्रदेश में सरकारी कामकाज में भगवा रंग का प्रयोग तेजी से बढ़ा है। सीएम आवास में इस्तेमाल होने वाले टॉवल तक केसरियां रंग के नजर आ रहे हैं। इसके अलावा सरकारी कार्यक्रमों के पंडाल भी केसरिया ही लग रहे हैं।
पिछले वर्ष कानपुर आई क्रिकेट टीम का स्वागत भी केसरिया रंग के अंग वस्त्रों से किया गया था।
सरकारों का अपने रंग से प्रदेश को रंगने की परंपरा नई नहीं है। इससे पहले की सपा और बसपा सरकारों ने भी अपने पसंदीदा रंग से प्रदेश में अपनी छाप छोड़ने की कोशिशें की हैं।
मायावती सरकार में सड़कों के डिवाइडर से लेकर बसों को नीले और सफेद रंग से रंग दिया गया, तो सपा ने उन्हें समाजवादी रंग में रंग दिया। लेकिन इन दोनों से एक कदम आगे बढ़ते हुए योगी सरकार ने सरकारी इमारतों को भी रंगने की परंपरा शुरू कर दी है।