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Lucknow News: सुरक्षा ताक पर... छतों पर तने हैं खतरनाक होर्डिंग

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छतों पर लगे भारी भरकम होर्डिंग।
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लखनऊ। छतों पर लगे भारी-भरकम होर्डिंग गिरने के हादसे कई बार हो चुके हैं। ऐसे में करीब ढाई वर्ष पहले होर्डिंग लगाने के लिए एलडीए और आवास विकास की एनओसी अनिवार्य की गई थी, पर इसका पालन नहीं हो रहा है। नगर निगम भी बिना एनओसी के छतों पर तने होर्डिगों से प्रचार शुल्क वसूल रहा है। ऐसे में शहरवासियों की सुरक्षा को लेकर की कवायद दिखावा ही साबित हुई है।
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शहर में इमारतों पर लगे करीब 1200 होर्डिंग ऐसे हैं, इनकी एलडीए या आवास विकास ने अनापत्ति नहीं ली गई है। इससे यह भी नहीं पता किया जा सकता कि इमारत होर्डिंग लगाने के लायक है या नहीं।

करीब ढाई वर्ष पहले इकाना स्टेडियम में लगा यूनीपोल गिरने से मां-बेटी की मौत हो गई थी। इसके बाद लालकुआं में एक छत पर लगा होर्डिंग गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया था। इस पर नगर निगम ने नियम बनाया था कि वह इमारतों पर लगे होर्डिंग पर प्रचार की अनुमति तभी देगा, जब भवनस्वामी एलडीए या आवास विकास से इसकी एनओसी लाकर देगा। जो इलाका एलडीए का होगा वहां पर प्राधिकरण और जो आवास विकास का होगा वहां आवास विकास की एनओसी ली जाएगी। हालांकि, यह यह कागजी ही सबित हुआ।
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एलडीए-आवास विकास ही कर सकते हैं कार्रवाई

नगर निगम के प्रचार अधीक्षक ओम प्रकाश का कहना है कि एलडीए और आवास विकास ने कोई एनओसी नहीं दी है। मकानों पर लगे होर्डिंगों पर यही विभाग कार्रवाई कर सकते हैं। नगर निगम को बिल्डिंग पर निर्माण या स्ट्रक्चर लगाए जाने की जांच या उस पर कार्रवाई का अधिकार नहीं है। यह भवन निर्माण उपविधि के तहत एलडीए-आवास के पास है। दोनों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखे गए, पर कुछ नहीं हुआ। एनओसी के फेर में आठ महीने तक टैक्स वसूली भी नहीं की गई। ऐसे में एजेंसी वाले मुफ्त में प्रचार कर रहे थे। इस बार उनसे दोबारा स्ट्रक्चरल इंजीनियर की यह रिपोर्ट ली गई कि होर्डिंग का ढांचा मजबूत है। इसके बाद प्रचार शुल्क की वसूली की गई।



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100 वर्ष पुरानी इमारतों पर टंगे होर्डिंग खतरा

हजरतगंज में कॉफी हाउस की बिल्डिंग 100 वर्ष से अधिक पुरानी होगी। कब्जों के विवाद के कारण इसकी मरम्मत भी सही से नहीं होती है। बावजूद इसके कुछ लोगों ने कमाई के लिए भारी-भरकम होर्डिंग दीवार के बाहर टांग रखे हैं। इलाके में चौराहे के दोनों ओर ऐसी कई 100 वर्ष पुरानी इमारतों पर भी भारी होर्डिंग लगे हैं, आंधी में हादसे का खतरा बने हुए हैं।





कोट

स्ट्रक्चरल इंजीनियर से मजबूती की रिपोर्ट के आधार पर ही छत पर लगे होर्डिंगों पर प्रचार की अनुमति दी गई है। एलडीए और आवास विकास को एनओसी के लिए लिखा गया था, पर वहां से कोई अनापत्ति नहीं दी गई। ऐसे में निगम ने पूर्व की व्यवस्था के तहत प्रचार की अनुमति दी है। सुरक्षा के लिए होर्डिंग वाले अब बीमा भी करा रहे हैं।

- ओम प्रकाश सिंह, प्रचार अधीक्षक, नगर निगम

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