लखनऊ। राजधानी में सेफ सिटी परियोजना की जमीनी हकीकत जानने के लिए मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने नगर निगम और पुलिस अधिकारियों के साथ मंगलवार को समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मंडलायुक्त ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (वार रूम) का औचक निरीक्षण भी किया।
उन्होंने देखा कि सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहरभर में 1061 उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। बसों में पैनिक बटन सिस्टम, पिंक स्कूटी व अन्य सुरक्षा साधन अब 112 आपातकालीन सेवा से सीधे जुड़े हुए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके।
मंडलायुक्त ने बताया कि सेफ सिटी कंट्रोल रूम पूरी तरह क्रियाशील हो चुका है। हालांकि, इसका औपचारिक उद्घाटन होना बाकी है। उन्होंने कंट्रोल रूम में महिला अपराधों से संबंधित अलर्ट और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ली। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम के संचालन के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी तैयार की गई है, जिसमें स्पष्ट है कि महिला सुरक्षा संबंधित सूचना पर किस अधिकारी को रिपोर्ट करनी है और उसकी जिम्मेदारी क्या होगी।
सेफ सिटी परियोजना के बारे में मंडलायुक्त ने कहा कि महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों एवं दिव्यांगजनों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। यह परियोजना केवल एक तकनीकी पहल नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्तरदायित्व भी है।