लखनऊ। लोकनीति, जलवायु परिवर्तन और मानवाधिकार जैसे गंभीर मुद्दों पर बेबाक राय रखने वाली सदफ खान सिंगापुर स्थित एशिया-यूरोप फाउंडेशन के मुख्यालय में 9 से 18 जुलाई तक होने वाली बैठकों और परामर्श कार्यक्रमों में एशिया का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसमें अगस्त-सिंतबर में होने वाले नॉन-अलाइंड मूवमेंट यूथ ऑर्गेनाइजेशन (एनएएमयूओ) के अध्यक्ष पद के चुनाव व अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। वर्तमान में सदफ एनएएमयूओ में एक्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अंतर्गत नई शिक्षा नीति की एंबेसडर की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। एशिया की तरफ से एनएएमयूओ अध्यक्ष पद के लिए सदफ का नाम भी दिया जाएगा। बैठक में 120 देशों के सदस्य हिस्सा लेंगे।
पहले भी वैश्विक मंचों पर देश का मान बढ़ा चुकी हैं सदफ
सरोजनीनगर के बेहसा गांव निवासी सदफ का परिवार बेहद साधारण है। पिता समीर खान बिजली की दुकान चलाते हैं, मां अफसाना खान गृहिणी हैं। छोटी बहन शिफा और छोटा भाई आफाक है। सदफ इसी वर्ष जनवरी में वह अबूधाबी सस्टेनेबिलिटी वीक और 16वीं इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी फोरम असेंबली का भी हिस्सा बनी थीं। इससे पहले अजरबैजान के बाकू, स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न (यूनेस्को एथिक्स प्रोग्राम), रूस के मॉस्को (ब्रिक्स यूथ एनर्जी समिट), मलयेशिया के कुआलालंपुर (यंग लीडर्स यूनियन) और बाकू क्लाइमेट एक्शन वीक जैसे वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।