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स्लॉट अलॉट नहीं, पहुंचे टीका लगवाने, लौटना पड़ा, टीकाकरण केंद्रों पर उमड़ी भीड़, प्रोटोकॉल की उड़ी धज्जियां

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राजधानी में सोमवार को टीकाकरण केंद्रों पर लोगों की भीड़ उमड़ने से युवाओं व बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसकी वजह यह रही कि कई लोग सिर्फ पंजीकरण कराकर ही पहुंच गए थे, जिनका नंबर आने पर उन्हें स्वास्थ्यकर्मियों ने स्लॉट अलॉट न होने की वजह से लौटा दिया।
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सिविल अस्पताल में बने केंद्र पर सुबह करीब 10 बजे से भीड़ जुटना शुरू हुई। सभी बूथ पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थीं। इसमें बिना स्लॉट लिए कई लोग टीका लगवाने पहुंच गए थे। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों ने उनका स्लॉट बुक न होने पर वापस भेजा। दोपहर तक करीब एक हजार से अधिक लोग यहां वैक्सीन लगवाने पहुंच गए। यही स्थिति लोकबंधु अस्पताल की भी रही। वहां पर युवा से लेकर बुजुर्ग टीका लगवाने के लिए खडे़ रहे। सबसे बुरी स्थिति रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल की रही। यहां टीका लगवाने के लिए लोग एक-दूसरे पर चढे़ जा रहे थे। यह देख कई लोग स्लॉट बुक होने के बाद भी बिना टीका लगवाए लौट गए। लोगों का कहना था कि अस्पताल सीएमएस डॉ. अनिल आर्या का मैनेजमेंट फेल रहा। ऐसे में टीका लगवाने के बजाय लोग खुद को कोरोना से बचाव को लेकर वापस लौट आए।
स्लॉट बुक कराने के बाद हुआ कैसिंल
सरकारी अस्पताल में सोमवार को टीका लगवाने पहुंचे कई लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। रविवार को पंजीकरण बाद स्लॉट बुक करा लिया। सोमवार को कई लोग अस्पताल टीका लगवाने पहुंचे तो उनके मोबाइल पर स्लॉट कैंसिल होने का मैसेज आ गया। इसके बाद भी इस उम्मीद में कतार में लगे रहे कि शायद उन्हें टीका लग जाए। मगर स्वास्थ्यकर्मियों ने पोर्टल पर चेक किया तो स्लॉट नहीं दिखा रहा था। ऐसे में उन्हें वापस किया जाने लगा। इसे लेकर स्वास्थ्यकर्मियों से कई लोगों की बहस भी हुई।
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