लखनऊ। रजिस्ट्री के लिए काफी समय से दौड़ लगा रहे आवंटियों ने बृहस्पतिवार को एलडीए की जनता अदालत में अधिकारियों के सामने दर्द बयां किया। इस बार भी उन्हें कार्रवाई का आश्वासन ही मिला। जनता अदालत में आए 31 में से 11 मामलों का ही निस्तारण किया जा सका।
अमन प्रजापति ने बताया कि रजनी खंड योजना में 330 वर्गफीट का मकान उनकी मां के नाम पर है। पूरा पैसा जमा करने के बाद भी इसकी रजिस्ट्री नहीं की जा रही है। वह छह महीने से दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन हर बार बाबू कोई न कोई बहाना बनाकर लौटा देते हैं। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि कार्यवाही पूरी करा दी जाएगी।
अलीगंज के छत्रपाल ने बताया कि प्राधिकरण ने वर्ष 2021 में सेक्टर-ए में उनका मकान और दो दकानें तोड़ दी थीं। कार्रवाई बिना नोटिस के हुई थी। अफसरों का कहना था कि यह भूखंड किसी और को आवंटित हो गया है। खास बात है कि जिसके नाम प्लॉट आवंटित किया गया उसके पहले से योजनाओं में कई भूखंड हैं। कई बार कमेटी बनाई गई, पर जांच नहीं हुई। कार्रवाई न होने पर छत्रपाल ने अफसरों के सामने कड़ा विरोध भी जताया।
उसको कोई न कोई बहाना बनाकर लौटा देती है। अब अधिकारियों को परेशानी बताई गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि रजिस्ट्री की कार्यवाही पूरी करा दी जाएगी।
16 वर्ष से काट रहे चक्कर
सेना से रिटायर धमेंद्र सिंह ने बताया कि नौकरी के दौरान वर्ष 2005 में उन्हें शारदा नगर योजना के रजनी खंड में 330 वर्गफीट का मकान आवंटित हुआ। उन्होंने 2009 में इसका पूरा पैसा जमा कर दिया। वह अवकाश पर जब भी आते, रजिस्ट्री के लिए एलडीए कार्यालय पहुंचते थे। हर बार बहाना बनाकर उन्हें लौटा दिया जाता। अब बताया जा रहा है कि उनका मकान मिसिंग है। अधिकारी कह रहे हैं कि रतनलोक में 32 लाख रुपये का फ्लैट ले लो। इतना पैसा कहां से लाएं।
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इन फरियादियों को मिली राहत
एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि सीताराम को जानकीपुरम योजना में चबूतरा आवंटित हुआ है, पर अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों को 15 दिन में कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। फूलबाग की अनीता के पड़ोस में बिल्डर आतिफ 1000 वर्गफीट के भूखंड पर बहुमंजिला इमारत बनवा रहा है। उसने गली में तीन फीट का छज्जा निकाला है, जिससे आसपास के लोगों को दिक्कत होगी। प्रवर्तन जोन-6 के जोनल अधिकारी को तीन दिन में निरीक्षण करके कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महानगर के जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनका पड़ोसी फ्लैट की बालकनी में अवैध तरीके से निर्माण करा रहा है। अधिकारियों को सोसाइटी के आरडब्ल्यूए से बात करके कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जनता अदालत में समस्याएं सुनते एलडीए अफसर।
जनता अदालत में समस्याएं सुनते एलडीए अफसर।
जनता अदालत में समस्याएं सुनते एलडीए अफसर।