लखनऊ। नगर निगम सदन ने मंगलवार को फीकल स्लज, सेप्टेज एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन विनियम 2024 पास कर दिया। इसके बाद अब घरों में जो सीवर टैंक बने हैं, उनकी सफाई कराकर खुले में गंदगी नहीं फेकी जा सकेगी। ऐसा करने वालों पर जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही सफाई कराने के लिए शुल्क भी तय कर दिया गया है।
शहर के जिन इलाकों में सीवर लाइन नहीं हैं, वहां घरों में बने सीवेज टैंक से निजी टैंकर वाले गंदगी निकाल कर खुले में फेंक रहे हैं। इससे स्वच्छता सर्वेक्षण में अंक कट रहे हैं। इसको लेकर उपविधि लागू की गई है, जिसमें अब सीवर टैंक का कनेक्शन सीवर लाइन से करना अनिवार्य कर दिया गया है। कनेक्शन नहीं कराने पर पहली बार में 200 और दूसरी बार पकड़े जाने पर 500 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। तीसरी बार में प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा खुले में सीवर की गंदगी फेंकते पाये जाने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सीवर चैंबर की सफाई कराने वाले निजी टैंकर वालों को जलकल विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
दूरी के हिसाब से तय किया गया टैंक सफाई का शुल्क
10 किमी से कम दूरी के लिए 1200 रुपये
10 किमी से 15 किमी के लिए 1400 रुपये
20 किमी से अधिक 1600 रुपये
भरवारा एसटीपी में सीवर डालने का यह लगेगा शुल्क
2000 लीटर तक 100 रुपये
2000 लीटर से 3000 लीटर 150 रुपये
3000 से 5000 लीटर 200 रुपये
नगर निगम सदन की बैठक।
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