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यूपी चुनाव: खर्च के लिए उम्मीदवारों को खोलना होगा बैंक अकाउंट, पेड न्यूज पर होगी नजर

Thu, 05 Jan 2017 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) टी. वेंकटेश - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में 14 करोड़ से ज्यादा मतदाता हिस्सा लेंगे। चुनाव आयोग ने जहां मतदाताओं को टोल फ्री नंबर पर शिकायत करने की सुविधा दी है, वहीं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों के अलावा अन्य राज्यों के सशस्त्र बल के जवान भी लगाए जाएंगे।
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यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) टी. वेंकटेश ने कहा कि अधिकारियों को आदर्श चुनाव आचार संहिता के सख्ती से पालन के निर्देश दे दिए गए हैं। मतदाता टोल फ्री नंबर 1800-180-1950 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बुधवार को अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 14 करोड़ 12 लाख 53 हजार 172 मतदाता हैं। इनमें 7 करोड़ 68 लाख 9 हजार 778 पुरुष और 6 करोड़ 44 लाख 36 हजार 122 महिलाएं हैं।
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7272 थर्ड जेंडर के मतदाता हैं। मतदाता सूचियों में 99.99 फीसदी मतदाताओं की फोटो चस्पा हैं। 99.5 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं।

प्रदेश में कुल 1,47,148 पोलिंग स्टेशन

- फोटो : amar ujala
प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में से 84 अनुसूचित जाति और दो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। कुल पोलिंग स्टेशनों की संख्या 1 लाख 47 हजार 148 है, जो कुल 90 हजार 741 भवनों में हैं।

साहिबाबाद में सबसे अधिक मतदाता
मतदाताओं की संख्या के लिहाज से गाजियाबाद का साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र सबसे बड़ा है। यहां कुल 8 लाख 36 हजार 214 मतदाता हैं। वहीं, फतेहपुर के अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 2 लाख 55 हजार 137 मतदाता हैं।

टोल फ्री नंबर से जानें, वोटर लिस्ट में नाम है या नहीं
मतदाता टोल फ्री नंबर 1800-180-1950 पर फोन करके पता कर सकते हैं कि वोटर लिस्ट में उनका नाम है या नहीं।

वेबसाइट www.ceouttarpradesh.nic.in  पर ‘सर्च योर नेम ऑप्शन’ के जरिए भी इसकी जानकारी ले सकते हैं। इस वेबसाइट पर जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सभी मतदाता पंजीकरण केंद्रों की सूची व उनके टेलीफोन नंबर और बूथ लेवल अफसरों के फोन नंबर भी उपलब्ध हैं। सभी निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची और पोलिंग स्टेशनों की सूची भी देखी जा सकती है।

विशेष सॉफ्टवेयर से लगेगी चुनाव ड्यूटी

मतदान केंद्रों पर चुनाव कार्मिकों की ड्यूटी एक विशेष सॉफ्टवेयर से तीन बार रैंडमाइजेशन करके लगाई जाएगी। चुनाव ड्यूटी में लगे सभी कर्मचारी भारत निर्वाचन आयोग के साथ प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे।

ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का पोलिंग स्टेशनवार आवंटन भी रैंडमाइजेशन से होगा।

सरकारी देनदारियों का देना होगा ब्योरा
सभी उम्मीदवारों को निर्धारित शपथ पत्र फॉर्म-26 पर दाखिल करना होगा। उन्हें सरकारी देनदारियों के संबंध में नामांकन पत्र के साथ एक अतिरिक्त शपथ पत्र भी देना होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत शपथ पत्र का कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जा सकता।

प्रत्येक जिले में तैयार होगा कम्युनिकेशन प्लान

मतदान के दिन चुनाव संबंधी सूचनाएं तुरंत मुहैया कराने के लिए मुख्यालय, जिला व निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया गया है। चुनाव के दौरान सभी महत्वपूर्ण घटनाओं की वीडियोग्राफी की जाएगी।

चुनाव खर्च के लिए उम्मीदवारों को खोलना होगा बैंक अकाउंट
प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव खर्चों के लिए अलग बैंक अकाउंट खोलना होगा। चुनाव खर्च पर नजर रखने के लिए निर्वाचन व्यय अनुश्रवण प्रणाली लागू की गई है।

इसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को निर्वाचन व्यय प्रेक्षक और सहायक निर्वाचन व्यय प्रेक्षक नियुक्त किया जाएगा। एयरपोर्ट पर भी सतर्कता बरती जाएगी। फ्लाइंग स्क्वॉयड की गाड़ियां व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम से लैस होंगी।

पेड न्यूज पर रहेगी नजर
समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाली पेड न्यूज पर भी विशेष रूप से नजर रखी जाएगी। इसके लिए मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी का गठन जिला, राज्य और आयोग स्तर पर किया गया है।
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मतदाताओं को बीएलओ देंगे फोटोयुक्त वोटर पर्ची

प्रत्येक मतदान केंद्र पर छाया, पानी, बिजली, रैम्प और शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। मतदाताओं के लिए हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी। वर्णमाला क्रम में मतदाता सूची उपलब्ध रहेगी, ताकि मतदाता आसानी से अपना नाम खोज सकें।

बीएलओ सभी मतदाताओं को फोटोयुक्त वोटर पर्ची उपलब्ध कराएंगे। मतदाता को पहचान के लिए आयोग द्वारा जारी किया गया मतदाता फोटो पहचान पत्र या आयोग द्वारा अनुमोदित कोई अन्य दस्तावेज दिखाना जरूरी होगा।

सभी निर्वाचन क्षेत्रों में नियुक्त होंगे प्रेक्षक
निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य प्रेक्षक और निर्वाचन व्यय प्रेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही पुलिस प्रेक्षकों की भी नियुक्ति की जाएगी। संवेदनशील मतदान स्थलों पर मतदान के दिन माइक्रो ऑब्जर्वर्स की नियुक्ति भी की जाएगी।

तकनीक का होगा अधिकाधिक प्रयोग
मतदाताओं को जागरूक करने के लिए अवेयरनेस ऑब्जर्वर्स की भी नियुक्ति की जाएगी। शिकायतों के निपटारे, रैली या जुलूस की अनुमति और गाड़ियों आदि के प्रयोग के लिए सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप भी तैयार किए गए हैं।
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