हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ 60 वर्ष की उम्र के करीब पहुंचने पर रिटायर होने से पहले एक सहायक अध्यापिका के अपनी उम्र दो वर्ष कम करवाने की याचिका दायर खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने उप्र शिक्षा नियमावली के हवाले से कहा कि हाईस्कूल का परिणाम प्रकाशित होने के तीन वर्ष बाद उसमें जन्मतिथि सहित किसी त्रुटि का परिवर्तन नहीं कराया जा सकता, न ही उप्र सेवा भर्ती नियमों के अनुसार सेवा में आने के समय दर्ज जन्मतिथि को बाद में बदलवाया जा सकता है।
याचिका में कृष्णा चौधरी से गुजारिश की थी कि राजकीय छात्रा इंटर कॉलेज शाहमीना रोड की प्रिंसिपल को निर्देश देकर उनकी जन्मतिथि बदलवाई जाए। उन्होंने बताया था कि 1965 में उन्होंने इस इंटर कॉलेज की कक्षा पांच में प्रवेश लिया था।
उन्होंने अपनी जन्मतिथि 25 नवंबर 1956 लिखी गई थी, जबकि असली जन्मतिथि 14 अगस्त 1954 थी। जब उन्होंने अपना ट्रांसफर सर्टिफिकेट निकलवाया था, तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। उन्हाेंने इसे ठीक करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन सुधार नहीं हुआ।