घर वालों ने गलत इंजेक्शन लगाने से मौत होने का आरोप लगाया। इस बारे में बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी का कहना है कि मरीज सेप्टीसीमिया रोग से ग्रसित था। उसके इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। मरीज के घर वालों ने वार्ड में तोड़फोड़ की और स्टाफ से बदतमीजी भी की।
सेप्टीसीमिया खून को प्रभावित करने वाला एक संक्रमण है। इससे शरीर के कई अंग काम करना बंद कर देते हैं। इसका संक्रमण गंभीर होने पर रक्तदाब तेजी से गिर जाता है। ऑर्गन फेल्योर हो सकता है जो मौत का कारण भी बन जाता है।